US Anger on India-Russia-China Alliance: अमेरिका तिलमिलाया, ब्राह्मणों पर नवारो का निशाना

अमेरिका ने भारत पर रूस को युद्ध वित्तपोषण का आरोप लगाया, मोदी की आलोचना तेज़

Ramkrishna Vajpei
Published on: 1 Sept 2025 8:50 AM IST
Navarro Targets Brahmins
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Navarro Targets Brahmins (image from Social Media)

US Anger on India-Russia-China Alliance: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारी भरकम टैरिफ लगाने के बाद भारत रूस और चीन के संभावित गठजोड़ से अमेरिका बुरी तरह तिलमिला गया। व्हाइट हाउसे के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि भारत टैरिफ का महाराजा है। दुनिया में सबसे ज़्यादा टैरिफ उनके यहां हैं। वे हमें ढेर सारी चीज़ें निर्यात करते हैं। तो, नुक़सान किसे होता है? इसके बाद वह गिनाते हैं कि भारत के टैरिफ का नुकसान अमेरिका के मज़दूरों को, करदाताओं को, यूक्रेन के लोगों को भुगतना होगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि मोदी एक महान नेता हैं लेकिन उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के बावजूद पुतिन और शी जिनपिंग के साथ क्यों घुल-मिल रहा है।

यह बातें व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने नई दिल्ली में कही। उन्होंने भारत पर यूक्रेन में मास्को के युद्ध को वित्तपोषित करने के लिए रूसी तेल की लूट का आरोप लगाया। इसके अलावा भारतीय ब्राह्मणों पर देश के लोगों की कीमत पर मुनाफाखोरी करने का आरोप लगाया।

इस बीच, भारत ने पश्चिमी देशों पर पलटवार करते हुए अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा रूसी ऊर्जा स्रोतों की ख़रीद को 'पाखंड' बताया है।सरकारी सूत्र ने कहा है, "यूरोप अभी भी रूसी गैस ख़रीदता है और अमेरिका अभी भी रूसी यूरेनियम का आयात करता है। भारत ने ज़िम्मेदारी से काम किया, वैश्विक ढाँचों का पालन किया और क़ीमतों को बढ़ने से रोका।"

नवारो ने ये बात फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कही। नवारो ने एक बार फिर ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का बचाव किया और चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग से निकटता वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर कर रही है।

भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के मुख्य वास्तुकार नवारो भारत के रूस के साथ व्यापार को लेकर बुरी तरह तिलमिलाए हुए थे। उन्होंने भारत पर यूक्रेन में मास्को के युद्ध को 'वित्तपोषित' करने का भी आरोप लगाया था और इस बात पर जोर दिया था कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े लोकतंत्र को "रूस की तरह काम करना चाहिए"।

नवारो की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन यात्रा के दौरान आई है जहाँ उन्होंने व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाकात की। पिछले सात वर्षों में मोदी की यह पहली चीन यात्रा थी।

भारत को दबाव में लेने की रणनीति के तहत ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए नवारो ने कहा मैं भारतीय लोगों से बस इतना ही कहूँगा कि वे समझें कि यहाँ क्या हो रहा है। ब्राह्मण भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफ़ा कमा रहे हैं, और हम चाहते हैं कि यह बंद हो।

ट्रंप के करीबी सहयोगी ने यूक्रेन संघर्ष को "मोदी का युद्ध" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस के साथ भारत के तेल व्यापार का मकसद सीधे "व्लादिमीर पुतिन के युद्ध कोष" में पैसा पहुँचाना है।

एक्स पर किये गए एक पोस्ट में नवारो ने कहा, "भारत अब प्रतिदिन 10 लाख बैरल से ज़्यादा परिष्कृत पेट्रोलियम का निर्यात करता है - जो रूस से आयातित कच्चे तेल की मात्रा के आधे से भी ज़्यादा है। यह आय भारत के राजनीतिक रूप से जुड़े ऊर्जा दिग्गजों के पास जाती है - और सीधे पुतिन के युद्ध कोष में जाती है,"

पिछले हफ़्ते, ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय आयातों पर लगाया गया 50 प्रतिशत का व्यापक टैरिफ़ लागू हुआ है, जो एक दंडात्मक उपाय है जो स्पष्ट रूप से नई दिल्ली द्वारा रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की ख़रीद जारी रखने से जुड़ा हुआ है।

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Ramkrishna Vajpei

Ram Krishna Vajpei is a veteran cross-media journalist, political analyst, and data journalism expert whose distinguished career began in 1982. Spanning over four decades across print, broadcast (TV/Radio), and digital platforms, he specializes in rigorous research and deep analytical reporting on socio-political affairs. An authority on modern data journalism and the technical application of AI/LLMs in media, Vajpei also trains next-generation journalists and is currently pursuing a PhD in media studies. His work is defined by an absolute commitment to objectivity and a comprehensive editorial vision.

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