TRENDING TAGS :
भारत ने अमेरिका संग अपने रिश्ते को बताया अटूट! टैरिफ विवाद के बीच दिया बड़ा बयान
India-US Relations: भारत ने ट्रंप की 50% टैरिफ धमकी के बीच अमेरिका को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं और रूस के साथ संबंधों पर कोई समझौता नहीं होगा।
India-US Relations: अमेरिका के साथ 50% टैरिफ विवाद के बीच भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति साफ कर दी है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को साफ कहा कि अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते बेहद मजबूत हैं और रक्षा साझेदारी ही इन रिश्तों की रीढ़ है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर 50% टैरिफ लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी कूटनीतिक नीति पर अटल है और किसी के दबाव में नहीं आएगा।
टैरिफ विवाद के बीच भी रिश्ते हैं मजबूत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी वीकली ब्रीफिंग में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के संबंधों ने अतीत में कई चुनौतियों का सामना किया है और हर बार ये रिश्ते और भी ज्यादा मजबूत होकर उभरे हैं। जायसवाल ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ये रिश्ते आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर ही आगे बढ़ेंगे। यह बयान ट्रंप की उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर 15 अगस्त को अलास्का में होने वाली उनकी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात विफल रहती है, तो भारत पर और टैरिफ लगाए जाएंगे।
अलास्का में भारत-अमेरिका के जवान करेंगे ड्रिल
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर भी खास जोर दिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस महीने के आखिर में एक अमेरिकी डिफेंस पॉलिसी टीम भारत आएगी। इसके अलावा, इसी महीने के अंत में अलास्का में 21वीं ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज भी होगी, जिसमें दोनों देशों के सैनिक एक साथ ड्रिल करेंगे। यह साफ दिखाता है कि टैरिफ और राजनीतिक बयानबाजी के बावजूद, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
इसके साथ ही, इस महीने के अंत में ही भारत और अमेरिका के बीच '2+2 इंटरसेशनल मीटिंग' भी होगी, जिसमें दोनों देशों के अधिकारी द्विपक्षीय संबंधों पर अहम चर्चा करेंगे। भारत ने दोहराया है कि दोनों देश अपने तय एजेंडे पर केंद्रित हैं और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


