झारखंड में बड़ी मुठभेड़: 3 नक्सली ढेर, सितंबर में 8 नक्सली मारे गए, 2026 तक नक्सल मुक्त का लक्ष्य

झारखंड के गुमला जिले में हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए, जिनमें दो प्रमुख नेता शामिल थे, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम था। इस महीने अब तक 8 नक्सली मारे जा चुके हैं, जो राज्य को 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Harsh Sharma
Published on: 24 Sept 2025 10:33 AM IST (Updated on: 24 Sept 2025 10:47 AM IST)
झारखंड में बड़ी मुठभेड़: 3 नक्सली ढेर, सितंबर में 8 नक्सली मारे गए, 2026 तक नक्सल मुक्त का लक्ष्य
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Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के गुमला जिले में आज सुबह सुरक्षा बलों और पुलिस के बीच एक मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में दो प्रमुख व्यक्ति लालू लोहरा और छोटू उरांव शामिल हैं, जिनके ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा, सुजीत उरांव भी मारे गए नक्सलियों में शामिल था। तीनों नक्सली झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) से जुड़े हुए थे। यह मुठभेड़ गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के केचकी जंगल में हुई।

तीन नक्सली मारे गए, एके-47 समेत कई हथियार बरामद

गुमला पुलिस ने पुष्टि की है कि आज की मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों में लोहरदगा के रहने वाले लालू लोहरा का नाम शामिल है, जो झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) का सब-जोनल कमांडर था। उसके पास से एक AK-47 राइफल बरामद हुई है। दूसरा नक्सली छोटू उरांव लातेहार का रहने वाला था और वह भी सब-जोनल कमांडर था। इन दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। तीसरा नक्सली सुजीत उरांव, जो लोहरदगा का ही निवासी था, संगठन में एक कैडर के तौर पर सक्रिय था। मुठभेड़ के बाद इन नक्सलियों के पास से एक AK-47 समेत कई हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी कर दिया है।


सितंबर में चौथी मुठभेड़: 8 नक्सली ढेर

यह मुठभेड़ सितंबर माह में सुरक्षा बलों और पुलिस के साथ नक्सलियों की चौथी मुठभेड़ है, जिसमें अब तक आठ नक्सली मारे जा चुके हैं। 15 सितंबर को हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र में माओवादी नक्सली सहदेव सोरन उर्फ प्रवेश, जो एक करोड़ रुपये के इनामी थे, मारे गए। इनके साथ ही 25 लाख रुपये के इनामी और भाकपा माओवादी के झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्य रघुनाथ हेंब्रम और 10 लाख रुपये के इनामी वीर सेन गंझू भी मुठभेड़ में मारे गए।


2026 तक नक्सल मुक्त झारखंड का लक्ष्य

इससे पहले, 14 सितंबर को पलामू जिले के मनातू जंगल में सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली मुखदेव यादव मारा गया था। झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अभी भी 100 से 150 माओवादी सक्रिय हैं। पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भाकपा माओवादी के 13 बड़े नक्सली शामिल हैं, जिनमें मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम रखा गया है। झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल राज्य को 2026 तक "नक्सल मुक्त" बनाने के उद्देश्य से अभियान चला रहे हैं।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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