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PM मोदी ने भी पहनी थी 'टोपी'... चुनाव में मुस्लिम टोपी पर बवाल, रेवंत रेड्डी ने किये चारों खाने चित
Muslim Cap Controversy Revanth Reddy: तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर उपचुनाव से पहले ‘मुस्लिम टोपी’ को लेकर सियासी बवाल मच गया है।
Muslim Cap Controversy Revanth Reddy: तेलंगाना की सियासत इन दिनों गर्म है और वजह है एक टोपी। जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के बीच यह मामूली दिखने वाली ‘मुस्लिम टोपी’ अब राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुकी है। एक ओर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का मुस्लिम टोपी पहनना चर्चा में है, तो दूसरी ओर बीजेपी ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है। बयानबाजी इस कदर बढ़ चुकी है कि अब टोपी ने पूरे चुनावी माहौल को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
रेवंत रेड्डी की टोपी और शुरू हुआ विवाद
5 नवंबर को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जुबली हिल्स के शेखपेट इलाके में रोड शो कर रहे थे। भीड़ के बीच एक युवक ने उन्हें मुस्लिम टोपी पहनाई और रेड्डी ने मुस्कुराते हुए उसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने मंच से कहा, “कांग्रेस ही अल्पसंख्यकों की सच्ची हिमायती पार्टी है, जिसने देश में धर्मनिरपेक्ष माहौल बनाया।” उन्होंने एक्स पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “कांग्रेस का मतलब है भाईचारा, विकास और सबका सम्मान।” लेकिन यह तस्वीरें बीजेपी को रास नहीं आईं।
बीजेपी ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बीजेपी नेता बंदी संजय कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “वोटों के लिए मैं कभी मुस्लिम टोपी नहीं पहनूंगा। मैं अपना सिर कटवा लूंगा, लेकिन नकली नमाज नहीं पढ़ूंगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी सिर्फ मुस्लिम वोट हासिल करने के लिए यह नाटक कर रहे हैं। संजय ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस और AIMIM मिलकर तेलंगाना को ‘इस्लामिक स्टेट’ बनाना चाहते हैं। उन्होंने चुनौती दी, “क्या रेवंत रेड्डी में इतनी हिम्मत है कि वे ओवैसी को भाग्यलक्ष्मी मंदिर ले जाकर भजन गाने को कहें?”
रेड्डी का पलटवार: “मोदी ने भी पहनी थी टोपी”
बीजेपी के हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुस्लिम टोपी पहनी थी। मैं उनकी तस्वीरें भेज सकता हूं।” उन्होंने जोड़ा कि वह हिंदू धर्म का पालन करते हैं, लेकिन सभी धर्मों का सम्मान भी करते हैं। रेड्डी ने कहा, “अगर बीजेपी नेताओं को लगता है कि मुसलमानों का इस देश में कोई स्थान नहीं है, तो यह उनकी सोच की दरिद्रता है।” रेवंत ने दावा किया कि जुबली हिल्स उपचुनाव में कांग्रेस भारी जीत दर्ज करेगी और बीजेपी की जमानत जब्त हो जाएगी।
AIMIM का समर्थन और त्रिकोणीय मुकाबला
जुबली हिल्स सीट पर बीजेपी, कांग्रेस और बीआरएस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। AIMIM ने कांग्रेस को समर्थन दिया है। बीआरएस ने दिवंगत विधायक मगंती गोपीनाथ की पत्नी मगंती सुनीता को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने नवीन यादव और बीजेपी ने लंका दीपक रेड्डी पर दांव खेला है।
तेलंगाना का यह उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं रह गया है। यह धर्म, पहचान और विचारधारा की लड़ाई में बदल चुका है। 11 नवंबर को होने वाली वोटिंग तय करेगी कि क्या टोपी का यह सियासी मुद्दा किसी के सिर पर जीत का ताज रखेगा या हार का बोझ।


