PM मोदी आज होंगे RSS शताब्दी समारोह में शामिल, विशेष स्मारक डाक टिकट और सिक्का करेंगे जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में आरएसएस के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे आरएसएस के योगदान को सम्मानित करते हुए एक विशेष डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे।

Harsh Sharma
Published on: 1 Oct 2025 8:09 AM IST (Updated on: 1 Oct 2025 8:11 AM IST)
PM मोदी आज होंगे RSS शताब्दी समारोह में शामिल, विशेष स्मारक डाक टिकट और सिक्का करेंगे जारी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में एक विज्ञप्ति जारी की है। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री आरएसएस के देश निर्माण में योगदान को सम्मानित करते हुए एक विशेष डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। इसके अलावा, वे समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे।

आरएसएस की स्थापना

आरएसएस की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर (महाराष्ट्र) में की थी। यह एक स्वयंसेवी संगठन है जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। आरएसएस का लक्ष्य देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के जरिए भारत के समग्र विकास में योगदान देना है। यह संगठन मातृभूमि के प्रति समर्पण, संयम, साहस और वीरता जैसे गुणों को प्रोत्साहित करता है।

आरएसएस का योगदान

पिछले 100 सालों में, आरएसएस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और आपदा राहत जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अहम योगदान दिया है। बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, आरएसएस के स्वयंसेवकों ने राहत और पुनर्वास कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके साथ ही, इसके सहयोगी संगठनों ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय समुदायों को मजबूत करने के लिए भी कई प्रयास किए हैं।

आरएसएस का जन्म

आरएसएस का जन्म भारत में विदेशी शासन के खिलाफ एक जन-आंदोलन के रूप में हुआ था। इस संगठन की नींव भारत के सांस्कृतिक गौरव और धर्म से प्रेरित दृष्टिकोण पर रखी गई थी, जो लोगों के दिलों में गहरी भावनाएं पैदा करता है। आरएसएस का यह शताब्दी समारोह न केवल इसकी ऐतिहासिक उपलब्धियों का जश्न है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक यात्रा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में इसके योगदान को भी दर्शाता है। इस आयोजन से देशभर में एकता और सेवा का संदेश और भी प्रबल होगा।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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