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सिर्फ 22 मिनट में ऑपरेशन खत्म? राहुल गांधी की संसद में दहाड़ – '5 जेट क्यों गिरे, मोदी जी जवाब दो!'
Rahul Gandhi Parliament speech: राहुल गांधी ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला। बोले– सिर्फ 22 मिनट में ऑपरेशन क्यों खत्म हुआ? 5 जेट क्यों गिरे? क्या पीएम मोदी ट्रंप के संघर्षविराम वाले दावे को झूठा कहेंगे?
Rahul Gandhi Parliament speech: दिल्ली में संसद का माहौल गरमाया हुआ था और तभी नेता विपक्ष राहुल गांधी खड़े हुए। उनके शब्दों ने जैसे सदन की दीवारों को झकझोर दिया। ऐसा लगा मानो देश के हर नागरिक की आवाज़, सवाल बनकर संसद में गूंज उठी हो। 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सरकार की चुप्पी, सेना की मजबूरी और पाकिस्तान-चीन की मिलीभगत पर राहुल गांधी का हमला अब सियासी तूफान बन चुका है।
जब राहुल बोले – “ये सवाल देश पूछ रहा है”
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत ही बेहद भावुक और तीखे शब्दों से की। उन्होंने कहा – “पहलगाम में जो हुआ, गलत हुआ। हम सब आहत हैं। लेकिन सवाल ये नहीं है कि हम दुखी हैं, सवाल ये है कि क्या हमारी सरकार तैयार थी? क्या हमारी फौज को पूरी आज़ादी दी गई थी? और क्या हमारी विदेश नीति ने दुश्मनों को हमारी कमज़ोरी थमा दी?” राहुल गांधी यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संसद में चुनौती देते हुए कहा – “अगर डोनाल्ड ट्रंप का दावा झूठ है कि उन्होंने संघर्षविराम कराया, तो पीएम मोदी इस सदन में आकर इसे नकारें। चुप्पी अब देश बर्दाश्त नहीं करेगा।”
"सेना के हाथ बांध दिए गए थे!" – राहुल का आरोप
नेता विपक्ष ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर भी सीधा हमला बोला और कहा कि 1971 के युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर की तुलना करना भारत की सेना का अपमान है। राहुल बोले – “इंदिरा गांधी ने सैम मानेकशॉ को पूरी छूट दी थी। 7वीं फ्लीट आई थी, लेकिन भारत नहीं डरा। एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया था। लेकिन इस सरकार ने सिर्फ 22 मिनट में ऑपरेशन रोक दिया। क्यों? किसके कहने पर?” उन्होंने कहा कि भारत की वायुसेना के जांबाज़ों को भेजा गया लेकिन पाकिस्तान को पहले ही बता दिया गया कि हमला कहां होगा। “पायलटों के हाथ बांध दिए गए, उन्हें खुलकर वार करने नहीं दिया गया। और जब पांच जेट गिरे, तो सरकार ने चुप्पी ओढ़ ली।”
“CDS का बयान बहुत कुछ कहता है”
राहुल गांधी ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सवाल यह नहीं है कि विमान गिरे, सवाल यह है कि वे गिरे क्यों। राहुल बोले “जब देश का सर्वोच्च सैन्य अधिकारी ये कहे कि जेट गिरे क्योंकि हाथ बंधे थे, तो फिर सरकार क्या साबित करना चाहती है? क्या ये नहीं दिखाता कि हमारी नीति में कमजोरी थी, हमारी रणनीति अधूरी थी?”।
चीन और पाकिस्तान एक हो गए हैं
राहुल गांधी ने अपने भाषण में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा “चीन और पाकिस्तान एक हो गए हैं। पाकिस्तान को चीन हमारी हर सैन्य हरकत की जानकारी दे रहा है। हमारे विमानों की लोकेशन तक लीक हो रही है और सरकार सिर्फ बैठकर देख रही है।” उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ट्रंप के साथ लंच कर रहे थे, तब भारत की सेना पहलगाम में जूझ रही थी। “क्या हमारी विदेश नीति इतनी खोखली हो गई है कि हमारे दुश्मन दोस्त बन बैठे और हम सिर्फ ट्वीट करते रह गए?”।
“आपने अगर मेरी बात मानी होती, तो पांच जेट नहीं गिरते”
राहुल गांधी का सबसे चौंकाने वाला बयान तब आया जब उन्होंने कहा “अगर आपने मेरी बात मानी होती, तो पांच जेट नहीं गिरते। मैंने पहले ही कहा था कि पाक-चीन को अलग करना होगा। लेकिन आपने ध्यान नहीं दिया। आज नतीजा देश के सामने है।” उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री को तो युद्ध की ABCD भी नहीं पता। “दुनिया ने आतंकवाद की निंदा की, लेकिन किसी ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। क्यों? क्योंकि हमारी विदेश नीति कमजोर हो गई है। हमें दुनिया में अलग-थलग किया जा रहा है।”
“डोनाल्ड ट्रंप ने 29 बार कहा- संघर्षविराम मैंने कराया”
राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए एक और बड़ा सवाल उठाया। “29 बार ट्रंप ने कहा कि संघर्षविराम उन्होंने कराया। अगर ये झूठ है, तो पीएम मोदी देश को बताएं। अगर सच है, तो ये सरेंडर है।” उन्होंने कहा कि ये मामला अब सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा का नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा का है। “भारत दुनिया में क्या संदेश दे रहा है? क्या हम अब खुद फैसले नहीं ले सकते? क्या हमारी सेना को अब भी राजनीतिक सहमति की जरूरत है हमला करने के लिए?”।
अब वक्त है सच्चाई बोलने का
राहुल गांधी के पूरे भाषण ने न सिर्फ सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया, बल्कि पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जब उन्होंने कहा “सवाल यह नहीं कि ऑपरेशन सिंदूर कितना चला, सवाल यह है कि क्या यह ऑपरेशन था भी या सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा?”, तो सदन में सन्नाटा छा गया। उन्होंने अंत में कहा “देश जानना चाहता है कि पाकिस्तान को पहले से सूचना क्यों दी गई? पायलटों के हाथ क्यों बांधे गए? ऑपरेशन 22 मिनट में क्यों बंद हुआ? और अगर डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहे हैं, तो सरकार उन्हें झूठा क्यों नहीं ठहरा रही?”।
संसद का मौन, लेकिन देश में बवाल
राहुल गांधी के इन बयानों के बाद संसद में सन्नाटा पसर गया, लेकिन देशभर में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर #सचबोलेसरकार ट्रेंड कर रहा है, और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ऑपरेशन सिंदूर की असली सच्चाई क्या है? क्या प्रधानमंत्री मोदी राहुल गांधी की चुनौती का जवाब देंगे? क्या देश को यह जानने का हक नहीं कि उसके जवानों को कब, क्यों और कैसे लड़ा गया? ये सवाल अब सिर्फ विपक्ष के नहीं हैं, ये सवाल अब पूरे देश के हैं।


