'हमें सिंदूर नहीं, तंदूर चाहिए था...', ऑपरेशन सिंदूर पर सपा सांसद का विस्फोटक वार, दागे तीखे सवाल

Ramashankar Rajbhar Lok Sabha speech: रामशंकर राजभर ने कहा, पहलगाम हमले के बाद देश में भारी आक्रोश था और जनता चाहती थी कि आतंकियों के खिलाफ तुरंत, यानी तीन दिन के भीतर, सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन सरकार ने 17 दिन बाद ऑपरेशन शुरू किया जो जनता की भावना के खिलाफ था।

Shivam Shrivastava
Published on: 28 July 2025 6:00 PM IST (Updated on: 28 July 2025 6:26 PM IST)
Ramashankar Rajbhar Lok Sabha speech
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Ramashankar Rajbhar (Photo: Social Media)

Ramashankar Rajbhar Lok Sabha speech: लोकसभा में सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान सपा सांसद रामशंकर राजभर ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि देश को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नहीं, बल्कि ‘ऑपरेशन तंदूर’ चाहिए था। जिससे आतंकियों को कठोर सजा देते और तंदूर में झोंक देते।

राजभर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद देश में भारी आक्रोश था और जनता चाहती थी कि आतंकियों के खिलाफ तीन दिन के भीतर सख्त जवाबी कार्रवाई हो। लेकिन सरकार ने 17 दिन बाद ऑपरेशन शुरू किया, जो जनता की भावना के खिलाफ था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पहलगाम हमले में शामिल आतंकी, जो मारे गए 100 आतंकियों में थे? यही असली सवाल है।

सांसद ने आगे कहा कि पहलगाम हमला भारत में दंगे फैलाने की साजिश थी। लेकिन हिंदू-मुस्लिम एकता ने दुश्मनों की हर साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने इस एकता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द ही देश को मजबूत बनाए रख सकता है।

असली विश्वगुरु तो व्हाइट हाउस में बैठा है, राजभर ने PM मोदी पर कसा तंज

सांसद ओमप्रकाश राजभर ने संसद में अपने संबोधन के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का उल्लेख करते हुए भारत की विदेश नीति पर तीखा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान सार्वजनिक मंचों पर करीब 26 बार यह दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने में अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई थी।

राजभर ने कहा कि ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि अमेरिका द्वारा की गई हथियारों की बिक्री के कारण ही दक्षिण एशिया में तनाव कम हुआ। इसी संदर्भ में राजभर ने सरकार से सीधे सवाल किया कि यदि ट्रंप का यह दावा सही है तो भारत की भूमिका कहां थी?

राजभर ने तंज कसते हुए कहा, अगर शांति स्थापना का श्रेय अमेरिका को जाता है तो असली विश्वगुरु तो व्हाइट हाउस में बैठा था। यह टिप्पणी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन पर व्यंग्य करते हुए की जिसमें अक्सर भारत को विश्वगुरु बताया जाता है।

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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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