'5 जहाजो का सच क्या? देश को जानने का हक..' Trump के दावे पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे सवाल

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान ‘पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराने’ के बयान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, मोदी जी, 5 जहाज़ों का सच क्या है? देश को जानने का हक है।

Shivam Shrivastava
Published on: 19 July 2025 6:22 PM IST (Updated on: 19 July 2025 7:02 PM IST)
5 जहाजो का सच क्या? देश को जानने का हक..  Trump के दावे पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे सवाल
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान ‘पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराने’ के बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, मोदी जी, 5 जहाज़ों का सच क्या है? देश को जानने का हक है।

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष में पांच लड़ाकू विमानों को गिराया गया था। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वे विमान किस देश के थे और कितने किस ओर से थे। गौरतलब है कि पाकिस्तान, भारत के पांच फाइटर जेट्स को गिराने का दावा कर चुका है। जिसे भारतीय सरकार ने सिरे से खारिज किया था।

कांग्रेस ने उठाए तीन बड़े सवाल

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से तीन सीधा सवाल पूछे हैं:

1. क्या ट्रंप ने भारत-पाक युद्ध को रोकने का दावा वास्तव में किया है, जैसा कि उन्होंने कई बार कहा है?

2. क्या अमेरिका ने व्यापारिक दबाव के ज़रिए भारत को संघर्ष रोकने को मजबूर किया?

3. अगर पांच फाइटर जेट्स वाकई गिराए गए थे, तो वे किस देश के थे, भारत या पाकिस्तान?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया और मांग की कि संसद के मानसून सत्र में इस पर विशेष चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही जवाब चाहता है किसी और मंत्री से नहीं।

मोदी-ट्रंप की दोस्ती से उठे सवाल

जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के रिश्ते किसी से छिपे नहीं हैं। उन्होंने "हाउडी मोदी" और "नमस्ते ट्रंप" जैसे कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर अपने संबंधों को बार-बार उजागर किया है। अब ऐसे में ट्रंप के इस तरह के दावे से सवाल उठना लाजमी है।

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार इस मुद्दे से बचने की कोशिश करती है, तो संसद के भीतर जोरदार विरोध और हंगामा किया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि यह पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, और जनता को सच्चाई जानने का पूरा हक है।

BJP ने किया पलटवार

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखा, राहुल गांधी की मानसिकता एक देशद्रोही की है। ट्रंप ने अपने बयान में न तो भारत का नाम लिया, न ही यह कहा कि वे पाँच जहाज़ भारत के थे। फिर कांग्रेस के युवराज ने उन्हें भारत के ही क्यों मान लिया? पाकिस्तान के क्यों नहीं माने? क्या उन्हें अपने देश से ज़्यादा हमदर्दी पाकिस्तान से है? सच्चाई यह है कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान अब तक उबरा नहीं है… लेकिन दर्द राहुल गांधी को हो रहा है! जब भी देश की सेना दुश्मन को सबक सिखाती है, तब कांग्रेस को मिर्ची लगती है। भारत विरोध अब कांग्रेस की आदत नहीं, पहचान बन चुका है। राहुल गांधी बताएं — क्या वह भारतीय हैं या पाकिस्तान के प्रवक्ता?

ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को उठाना पड़ा बड़ा नुकसान

मालवीय ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने एलओसी पर जबरदस्त जवाब दिया। दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। वायुसेना की कार्रवाई में पुलवामा और आईसी-814 हाईजैक जैसी घटनाओं के साजिशकर्ताओं सहित 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इसके अलावा पाकिस्तान एयरफोर्स के करीब 20% इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया गया। रहीम यार खान, भोलारी, सरगोधा, जैकोबाबाद समेत कई प्रमुख एयरबेस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। आतंकी ठिकानों को भी सटीक हमलों में खत्म किया गया।

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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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