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'हट जाओ... पूरी बिल्डिंग गिर सकती है'! लखनऊ में गिरा बिल्डिंग का नट बोल्ट पर टिका छज्जा, 1 युवक की मौत के बाद गार्ड की नसीहत ने खोली पोल
Lucknow News: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित साइबर टावर में बारिश के दौरान छज्जा गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। नट-बोल्ट पर टिका था छज्जा, गार्ड की चेतावनी ने इमारत की लापरवाही की पोल खोल दी।
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश ने बदले मौसम के साथ शहरवासियों को राहत दी। इसी राहत के बीच एक घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया और साथ ही बड़ी बड़ी इमारतों को खड़ा करने वाले लोगों की लापरवाही की पोल खोल दी। दरअसल, लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विभूतिखण्ड में बने साइबर टावर का छज्जा अचानक टूट गया। इस हादसे में रवि कुमार वर्मा नाम के एक युवक की मलबे में दबने से मौत हो गयी। इस हादसे ने बिल्डिंग के रख रखाव में कई गयी लापरवाही को तब उजागर किया, जब मौके पर तैनात गार्ड ने खुद लोगों से अपील करते हुए कहा कि 'हट जाओ... पूरी बिल्डिंग गिर सकती है'। गार्ड की इस चेतावनी ने साफ तौर पर बिल्डिंग के रेनोवेशन न होने और समय समय पर बिल्डिंग मटेरियल की जांच न करने की बात सामने रख दी।
पिलर पर नहीं बल्कि नटबोल्ट पर टिका था छज्जा
इस हादसे के बाद एक तरफ क्षेत्र में हड़कंप मच गया तो वहीं, दूसरी ओर जर्जर हालत में दिखने वाली पुरानी इमारतों के रेनोवेशन को लेकर किए जा रहे दावों की पोल खुल गयी। घटना स्थल पर जाकर पड़ताल की गई तो पता चला कि बिल्डिंग का छज्जा किसी पिलर पर नहीं बल्कि हल्के नट बोल्ट के सहारे टिका हुआ था। छज्जा बनाने के दौरान उपयोग में लिया गया लोहे का मटेरियल पूरी तरह से जंग खा चुका था, जो कि भीषण बारिश में कमजोर होने की वजह से गिरने का एक कारण हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता ही कि आखिर इतनी पुरानी इमारत को बाहर से सुंदर दिखाने के बाद कमजोर हो रहे भीतरी मटेरियल की जांच क्यों नहीं कि गयी? आखिर क्यों... समय समय पर भीतरी मटेरियल को दुरुस्त कराया गया?
इस हादसे में कई लोगों की हो सकती थी मौत
आपको बता दें कि जिस वक्त ये हादसा हुआ, उस दौरान मृतक रवि अकेले छज्जे के नीचे बारिश से बचने के लिए खड़े थे। अचानक छज्जा गिरने से उनकी मौत हो गयी। वहीं, पास में खड़ी चार पहिया व दो पहिया वाहन छतिग्रस्त हो गया। बताया जाता है कि अमूमन बारिश के मौके पर लोग इस स्थान पर भारी संख्या में खड़े होते थे। लेकिन आज सिर्फ रवि के खड़े होने से वो इस हादसे का शिकार हो गए। इसी स्थान पर यदि आज अन्य लोग भी खड़े होते तो शायद मरने वालों की संख्या दर्जनों में होती।
बाराबंकी का रहने वाला था मृतक
घटनास्थल पर मौजूद बाराबंकी के रहने वाले आकाश द्विवेदी ने बताया कि मृतक रवि उनके दोस्त थे। वे ग्रेनाइट का काम करते थे और साइबर टावर में किसी काम से आए हुए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को देकर उन्हें अस्पताल बुलवाया। इस हादसे के बाद अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस घटना को लेकर किस पर लापरवाही का जिम्मा डालकर दोषी मानता है या किसी पर कार्रवाई करता है।


