इस धनतेरस पर घर लाएं मात्र इतने रुपए में एक चीज , लक्ष्मी-कुबेर दोनों होंगे प्रसन्न!

इस धनतेरस पर जानिए एक ऐसा आसान उपाय जो मात्र कुछ रुपए में मां लक्ष्मी और कुबेर दोनों को प्रसन्न कर सकता है। सूखे धनिये के ये चमत्कारी बीज आपके घर में धन, सौभाग्य और समृद्धि का संचार कर सकते हैं।

Jyotsana Singh
Published on: 14 Oct 2025 7:04 PM IST
Dhanteras Tips 2025
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Dhanteras Tips 2025 (Image Credit-Social Media)

Dhanteras Tips 2025: दिवाली की तैयारियों के साथ ही धनतेरस एक ऐसा पर्व है जिसका नाता सीधा धन वैभव के देवता कुबेर से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस खासदिन कुबेर महाराज को प्रसन्न करने में कोई जरा भी कसर नहीं छोड़ना चाहता। दीपावली की शुरुआत के प्रतीक धनतेरस पर असल में धन, आरोग्य और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा का विशेष महत्व होता है। आमतौर पर लोग इस दिन लक्ष्मी- गणेश और कुबेर की प्रतिमाओं के साथ सोना, चांदी, आभूषण या नए बर्तन खरीदते हैं ताकि घर में लक्ष्मी का आगमन हो। लेकिन शास्त्रों में ऐसे कई सरल और प्रभावशाली उपाय बताए गए हैं, जो कम खर्च में असीमित फल देते हैं। उन्हीं में से एक उपाय है सूखे धनिये (कोरिएंडर सीड्स) का। बेहद कम खर्च में होने वाला यह उपाय आपके घर की आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकता है और दरिद्रता को दूर कर सकता है। आइए जानते हैं क्या है यह अचूक उपाय -

रसोई में स्वाद बिखेरने वाली धनिया सिर्फ मसाला नहीं, समृद्धि का भी प्रतीक


धनिया जिसे संस्कृत में ‘धन्यक’ कहा गया है। इसका अर्थ ही है 'धन देने वाला'। आयुर्वेद और पुराणों में इसे सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि से जोड़ा गया है। लोक मान्यता है कि धनतेरस या दिवाली की रात यदि धनिया का प्रयोग पूजा और विशेष उपायों में किया जाए तो यह धन आकर्षण का माध्यम बनता है।

धनिया के छोटे-छोटे बीज जैसे धरती की गोद में अंकुरित होते हैं, वैसे ही जीवन में नई संभावनाएं और समृद्धि का संचार करते हैं। यही कारण है कि कई घरों में दिवाली की पूजा में धनिया को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाता है।

धन की पोटली और उत्तर दिशा का जादुई उपाय

यदि आप लंबे समय से पैसों की कमी या आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो यह उपाय आपके लिए बेहद प्रभावी साबित होता है। उपाय करने की विधि के अनुसार,

धनतेरस के दिन एक मिट्टी का छोटा बर्तन लें और उसमें थोड़ा सूखा धनिया तथा कुछ सिक्के डालें। अब इसमें थोड़ा पानी डालें ताकि धनिया अंकुरित हो सके। इस बर्तन को उत्तर दिशा में रखें, क्योंकि यही दिशा कुबेर देव और मां लक्ष्मी की प्रिय मानी गई है। इसके बाद रोजाना इसके सम्मुख दीपक जलाएं और माता लक्ष्मी से प्रार्थना करें। भाई दूज तक इस बर्तन की नियमित पूजा करें। भाई दूज के बाद, इस बर्तन से एक सिक्का निकालकर अपनी अलमारी, तिजोरी या जहां आप गहने और पैसे रखते हैं, वहां रखें। मान्यता है कि,

जैसे धनिया के बीज अंकुरित होकर पौधे में बदलते हैं, वैसे ही घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है। यदि पौधा हरा-भरा उगता है, तो यह आने वाले वर्ष में आर्थिक उन्नति का संकेत माना जाता है।

दिवाली की पूजा में मां लक्ष्मी को धनिया अर्पित करने का महत्व


दिवाली की पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को सूखा धनिया अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा के समय उनके चरणों में कुछ साबुत धनिया रखें और संकल्प लें कि आने वाले वर्ष में आपके घर में अन्न और धन की कमी न हो। अगले दिन सुबह उस धनिए को उठाकर घर की किसी मिट्टी वाली क्यारी या गमले में बो दें और नियमित रूप से जल दें।

यह केवल धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक प्रक्रिया है। असल में मिट्टी धरती माता का प्रतीक है।

बीज संभावना का संकेत

और अंकुरण उन्नति व समृद्धि का प्रतीक।

जैसे बीज धरती में डालने पर पौधे में बदलता है, वैसे ही यह कर्म जीवन में निरंतर वृद्धि और शुभता का संदेश देता है।

हमारे वास्तु शास्त्र में भी दर्ज है धनिया का विशेष स्थान

वास्तु शास्त्र के अनुसार धनिया के बीज घर की ऊर्जा संतुलन में मदद करते हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार असफलता, मानसिक तनाव या नकारात्मकता का अनुभव हो, तो उसे एक सरल उपाय करना चाहिए।

पूर्व दिशा उपाय के अनुसार

घर की पूर्व दिशा में एक साफ स्थान चुनें। वहां एक छोटा कपड़ा बिछाकर उस पर कुछ सूखे धनिये के बीज रखें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा से सूर्य का उदय होता है और सूर्य ऊर्जा, सफलता और सकारात्मकता का स्रोत है। इस दिशा में धनिया रखने से घर में सकारात्मक तरंगें प्रवाहित होती हैं और नकारात्मक शक्तियां नष्ट होती हैं।

धनिया के बीजों से जुड़ी ज्योतिषीय मान्यता और चमत्कारी उपाय


ज्योतिष के अनुसार धनतेरस की शाम को शुभ अंक के अनुसार केवल 5 रुपए के धनिये के बीज खरीदकर घर लाना भी अच्छा माना जाता है। इन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपने पर्स या तिजोरी में रखें।

यह 'धन्यक यंत्र' के समान प्रभाव देता है और माना जाता है कि इससे धन की हानि रुकती है तथा नए आय स्रोत खुलते हैं।

धनतेरस के दिन ये बीज मंगल ग्रह और कुबेर देव दोनों को प्रसन्न करते हैं। मंगल ऊर्जा और प्रयास का ग्रह है, जबकि कुबेर धन के देवता। जब दोनों की कृपा मिलती है, तो आर्थिक स्थिरता और सफलता अपने आप घर करती है।

इस बार धनतेरस पर महंगे आभूषण या बर्तन न सही, केवल पांच रुपए का सूखा धनिया भी आपकी किस्मत बदल सकता है।

धनतेरस के इस छोटे से उपाय से न केवल धन की तंगी दूर होती है, बल्कि घर में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और स्थिरता भी आती है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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