'लोकतंत्र' को ‘लोकतंत् र’ लिखा विपक्ष को पड़ा भारी, BJP बोली - ये है परिवारतंत्र और आपातकाल वालों की सच्चाई

Parliament Monsoon Session: बीजेपी ने विपक्षी नेताओं के द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में लोकतंत्र शब्द की गलत स्पेलिंग पर तंज कसा। बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ विरोध कर रहे विपक्षी नेताओं के बैनर में "लोकतंत्र" गलत लिखा गया था। जिस पर बीजेपी ने मजाक उड़ाते हुए आलोचना की।

Shivam Shrivastava
Published on: 24 July 2025 7:57 PM IST
लोकतंत्र को ‘लोकतंत् र’ लिखा विपक्ष को पड़ा भारी, BJP बोली - ये है परिवारतंत्र और आपातकाल वालों की सच्चाई
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Parliament Monsoon Session: बिहार में जारी वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध में विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन गुरुवार को संसद भवन के बाहर जारी रहा। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए विरोध किया। लेकिन इस दौरान उनके हाथों में जो बैनर था। उसमें लोकतंत्र शब्द ही गलत लिखा गया था। इस गलती पर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर तंज कसा है।

बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें विपक्षी सांसद बैनर और पोस्टर लिए हुए थे। लेकिन उसमें लोकतंत्र शब्द गलत लिखा गया था। पार्टी ने इस पर तंज करते हुए कहा, जो लोकतंत्र को सही से लिखना नहीं जानते, वे हमें लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने निकले हैं।

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस गलती को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा, यह लोकतंत्र है, न कि लोकतंत् र। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस पर तंज करते हुए कहा, कांग्रेस को दोष नहीं दिया जा सकता। वे न तो लोकतंत्र को लिख सकते हैं न ही बचा सकते हैं। वे तो परिवारतंत्र और आपातकाल में विश्वास करते हैं। निश्चित रूप से वे इसे लिख और बचा सकते हैं।

SIR मुद्दे पर विपक्ष ने किया प्रदर्शन

वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी, लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई, शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा और अन्य विपक्षी नेताओं ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने चुनाव आयोग की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और एक बड़ा बैनर उठाए हुए थे। जिस पर लिखा था ‘SIR लोकतंत् र पर वार’।

विपक्ष का आरोप था कि वोटर लिस्ट रिवीजन का दुरुपयोग वोटों को दबाने और कुछ वर्गों को मताधिकार से वंचित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि इसमें केवल योग्य लोग ही शामिल हों।

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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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