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Rajasthan News: झालावाड़ में स्कूल की छत गिरी, प्रार्थना सभा में शामिल छात्र मलबे में दबे, 6 बच्चों की मौत
Rajasthan News: झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हुआ। प्रार्थना सभा के दौरान 60 से अधिक बच्चे मलबे में दबे हैं और 10 बच्चों की मौत हो गई।
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Rajasthan News: झालावाड़ के एक सरकारी स्कूल में हुआ दर्दनाक हादसा सभी को हैरान कर दिया है। मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी गांव में स्थित सरकारी स्कूल की पुरानी और जर्जर इमारत की छत बारिश के दौरान अचानक गिर गई। इसके मलबे में दबकर 6 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 28 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री भजनलाल और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मदद के लिए हाथ बढ़ाते हुए मौके पर पहुंचे। उन्होंने आपसी सहयोग से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर कोई मिलकर इस कठिन परिस्थिति से निपटने की कोशिश कर रहा है, और उनका एकमात्र लक्ष्य बच्चों को बचाना है।
शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी किए थे ये सख्त दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए थे। इनमें कहा गया था कि स्कूलों की जर्जर छतों और दीवारों की जल्दी मरम्मत करवाई जाए। इसके अलावा, खुले बोरवेल, गड्ढों और जलभराव वाले क्षेत्रों को सुरक्षित किया जाए। स्कूल के परिसर में बिजली के खुले तारों और उपकरणों की जांच की जाए। जर्जर स्कूलों में कक्षाओं को बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
घायल बच्चों का इलाज जारी
मृतक बच्चों की पहचान पायल (14), प्रियंका (14), कार्तिक (8), हरीश (8), कान्हा, कुंदन (12) और एक अन्य बच्चे के रूप में हुई है। इस हादसे में घायल हुए बच्चों में कुंदन, मिनी, वीरम, मिथुन, आरती, विशाल, अनुराधा, राजू, और शाहीना शामिल हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए झालावाड़ रेफर किया गया है।
7वीं कक्षा के बच्चे दबे
राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र स्थित पीपलोद गांव में एक बड़ा हादसा हुआ। यहां के एक सरकारी स्कूल की छत गिर गई, जिससे कई बच्चे मलबे में दब गए। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि स्कूल की छत लंबे समय से जर्जर हो चुकी थी और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इसे गिरने का खतरा था। हादसे में घायल बच्चों को इलाज के लिए झालावाड़ जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं, मलबा हटाने के काम में रेस्क्यू टीम के साथ स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चे अपने कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। मलबे में दबे बच्चे 7वीं कक्षा के थे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ट्वीट
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्वीट कर कहा, "झालावाड़ के पीपलोदी में स्कूल की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। घायल बच्चों के सही उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिवारों को इस कठिन समय में साहस प्रदान करें। ॐ शांति।
झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) July 25, 2025
घायल बच्चों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
ईश्वर दिवंगत दिव्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों…
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान
इस हादसे पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का इलाज सरकारी खर्चे पर किया जाएगा और मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। दिलावर ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से बात की है और वह घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी से भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई


