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Aligarh News: डॉ. विभव वार्ष्णेय ने डॉक्टरों संग रामलीला देख श्रीराम के आदर्शों पर दिया संदेश
Aligarh News: अलीगढ़ में रामलीला मंचन के दौरान भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. विभव वार्ष्णेय ने डॉक्टरों की टीम के साथ श्रीराम के आदर्शों पर आधारित संदेश दिया। उन्होंने बच्चों को रामलीला से जोड़ने की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की।
Aligarh News: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम वास्तव में संस्कार, समर्पण, सेवा और त्याग की मिसाल हैं। उन्हीं के आदर्शों पर चलकर भारत देश निरंतर नई ऊँचाइयों को छू रहा है। भगवान श्रीराम का चरित्र हमें अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। रघुकुल की रीति निभाने के लिए उन्होंने राजा होकर भी वनवासी का जीवन स्वीकार किया और राक्षसों का संहार कर धर्म की स्थापना की।
यह बातें भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक एवं अलीगढ़ के प्रख्यात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभव वार्ष्णेय ने विगत शाम श्रीरामलीला का मंचन देखने के पश्चात मीडिया से बातचीत में कहीं।उन्होंने रामलीला गौशाला कमेटी के सभी पदाधिकारियों को बेहतरीन व्यवस्थाओं के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि बच्चों को उंगली पकड़कर रामलीला दिखाने की यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहनी चाहिए। उन्होंने प्रभु श्रीराम से यही प्रार्थना की।
डॉ. विभव ने कहा कि रामलीला हमें हमारे संस्कारों और संस्कृति का बोध कराती है, जिससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। साथ ही, बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ी को रावण जैसा ज्ञान अवश्य अर्जित करना चाहिए, लेकिन उसके कर्मों और कुरीतियों से दूर रहना चाहिए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ आईएमए के सचिव और भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. विभव वार्ष्णेय विगत शाम चिकित्सकों की अपनी टीम के साथ रामलीला मैदान पहुँचे। उन्होंने वहाँ पात्रों की पूजा-अर्चना भी की।
इस अवसर पर रामलीला गौशाला कमेटी के अध्यक्ष विमल अग्रवाल, विक्रांत गर्ग, ऋषभ गर्ग, सीबी केटर्स के प्रतिनिधि और राजेश गर्ग ने सभी सम्मानित चिकित्सकों का स्वागत एवं सम्मान किया।इसके उपरांत महानगर के कई सम्मानित चिकित्सकों ने श्रद्धा पूर्वक श्रीरामलीला का मंचन देखा। इस अवसर पर डॉ. विभव वार्ष्णेय के साथ उपस्थित प्रमुख चिकित्सकों में डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. रजत प्रताप सिंह, दीपेंद्र कुमार वार्ष्णेय, दीपांशु गुप्ता, वरुण गर्ग, डॉ. पराग शेखर, मनोज वार्ष्णेय, मनीष गुप्ता और बंटी उपाध्याय प्रमुख रूप से शामिल रहे।


