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Auraiya News: संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन, छात्रों ने प्रस्तुत किए मनमोहक कार्यक्रम
Auraiya News: गेल डीपीवी पब्लिक विद्यालय, दिवियापुर में संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं के साथ हुआ। छात्रों ने संस्कृत नाट्य, गीत, भाषण और संगीत के माध्यम से भाषा की महत्ता को जीवंत किया।
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Auraiya News: औरैया के गेल डीपीवी पब्लिक विद्यालय, दिवियापुर में संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित एक सप्ताह लंबा "संस्कृत सप्ताह" सोमवार को धूमधाम से संपन्न हुआ। यह विशेष आयोजन l4 अगस्त से 11 अगस्त तक प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के साथ मनाया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि और प्रेम को बढ़ाना था। इस दौरान विद्यालय में प्रार्थना सभा के अंतर्गत सुविचार, समाचार, सूचना, प्रश्नोत्तरी, नए शब्द और प्रतिज्ञा जैसे सभी कार्यक्रम संस्कृत भाषा में ही प्रस्तुत किए गए। संस्कृत के प्रचार-प्रसार हेतु नवमी और दशमी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 'संस्कृत प्रतिभा खोज परीक्षा' और अष्टमी कक्षा के लिए 'श्रुतलेख प्रतियोगिता' का भी आयोजन हुआ।
समापन समारोह में विद्यार्थियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नवमी कक्षा के छात्रों ने 'सरल भाषा संस्कृतम्' गीत की सांगीतमय प्रस्तुति से कार्यक्रम का आरंभ किया। दशमी कक्षा के छात्रों ने 'श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद' नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया, जबकि छात्र हर्ष शर्मा ने संस्कृत में प्रभावी भाषण देकर इस भाषा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। कक्षा नवमी की दृष्टि ने मधुर स्वर में 'श्रीकृष्णाष्टकम्' का गायन किया। माही ने 'रहें न रहें हम' और दिव्या राजपूत ने 'खैरियत पूछो' जैसे लोकप्रिय फिल्मी गीतों को संस्कृत में प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय के संगीताचार्य पी.डी. शर्मा ने कार्यक्रम को संगीतमय बनाने में अहम योगदान दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती दीपा शरण ने अपने उद्बोधन में संस्कृत को सरल, मधुर, स्पष्ट, वैज्ञानिक और सार्वभौमिक भाषा बताते हुए कहा कि यह सम्पूर्ण मानवजाति की भाषा है। संस्कृत विभागाध्यक्ष पंडित सुधाकर भट्ट ने कहा कि संस्कृत में संवाद करना अत्यंत सहज है। कार्यक्रम का संचालन दशमी कक्षा की छात्राएं अदिति उपाध्याय, खनक नैनी और नंदिसा दीप ने संस्कृत में किया।
समापन अवसर पर प्रधानाचार्या ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए। समारोह की शुरुआत मां वाग्देवी सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुई। अंत में पंडित सुधाकर भट्ट ने प्रधानाचार्या, शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों और छात्रों को उनके सहयोग और उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए धन्यवाद किया।


