Auraiya News: स्कूल मर्जर और पेयरिंग के खिलाफ औरैया में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन

Auraiya News: शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार का यह फैसला उचित नहीं है। सरकार जिन स्कूलों में छात्र संख्या 150 से कम या 100 से कम है, उन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन कर रही है।

Ashraf Ansari
Published on: 5 July 2025 1:35 PM IST
Auraiya News: स्कूल मर्जर और पेयरिंग के खिलाफ औरैया में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन
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Auraiya News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शिक्षकों ने राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर (विलय) और पेयरिंग के निर्णय के खिलाफ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर आयोजित किया गया।

शिक्षक प्रतिनिधियों ने दिबियापुर विधायक को सौंपा ज्ञापन

जिले के अध्यक्ष अखिलेश चंद्र यादव के नेतृत्व में शिक्षक प्रतिनिधियों ने दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव को एक ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार का यह फैसला उचित नहीं है। सरकार जिन स्कूलों में छात्र संख्या 150 से कम या 100 से कम है, उन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन कर रही है।

शिक्षकों ने बताया कि इससे पहले भी एक ही परिसर में स्थित लगभग 20,000 विद्यालयों का संविलियन कर प्रधानाध्यापक पद समाप्त कर दिए गए थे। उनका कहना है कि स्कूलों के मर्जर से बच्चों को दूरस्थ विद्यालयों में जाना पड़ेगा, जिससे विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ सकती है।

शिक्षकों ने जताई चिंता

शिक्षकों ने यह भी चिंता जताई कि इस निर्णय से हजारों रसोइयों की नौकरियाँ भी खत्म हो जाएंगी, जिससे गरीब परिवारों पर दोहरी मार पड़ेगी। उन्होंने अधिकारियों पर यह आरोप लगाया कि वे प्रधानाध्यापकों और ग्राम प्रधानों पर स्कूल बंद करने का दबाव बना रहे हैं।शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।

ज्ञापन देने वालों में नीरज चक, बुद्धिपाल, गिरीश नारायण यादव, अनिल दोहरे, राजाभाई यादव, पंचशील बौद्ध, रजनी गौतम सहित कई शिक्षक मौजूद थे।यह उल्लेखनीय है कि शिक्षकों का मानना है कि यह फैसला न केवल शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को भी नुकसान पहुँचाएगा। यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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