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Azamgarh News: आजमगढ़ शिक्षा विभाग जांच के घेरे में: सांसद धर्मेंद्र यादव ने मांगी सात बिंदुओं पर सूचना, बीएसए के निरीक्षण में अनुपस्थित मिले शिक्षक
Azamgarh News: बिलरियागंज के कंपोजिट विद्यालय बरजी में 14 स्टाफ में से सात अध्यापक अनुपस्थित मिले, जबकि तीन अनुदेशक पिछले तीन दिनों से नदारद रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
आजमगढ़ शिक्षा विभाग जांच के घेरे में: सांसद धर्मेंद्र यादव ने मांगी सात बिंदुओं पर सूचना, बीएसए के निरीक्षण में अनुपस्थित मिले शिक्षक (Photo- Social Media)
Azamgarh News: आजमगढ़: शासन के निर्देश पर कम संख्या वाले बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को आसपास के विद्यालयों में समायोजित किया जा रहा है। जिले में कुल ढाई सौ स्कूलों में बच्चों की संख्या बेहद कम है, इन स्कूलों को बगल के स्कूल में शिफ्ट किया जा रहा है। इसी बीच, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार पाठक ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। बिलरियागंज के कंपोजिट विद्यालय बरजी में 14 स्टाफ में से सात अध्यापक अनुपस्थित मिले, जबकि तीन अनुदेशक पिछले तीन दिनों से नदारद रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निरीक्षण कार्यवाही से विभाग में मचा हड़कंप
बीएसए के निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक गीता देवी, निशा यादव, स्मती राय, शिक्षामित्र रुक्मणी राय एक दिन से, और अनुदेशक संदीप कुमार, सुनील कुमार, इंद्रकला भारती पिछले तीन दिनों से अनुपस्थित पाए गए। प्रभारी प्रधानाध्यापक उषा राय का विद्यालय पर कोई नियंत्रण नहीं था, जिस पर बीएसए ने नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से अनुपस्थित स्टाफ को अध्यापक उपस्थिति पंजिका पर अनुपस्थित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया और सभी से स्पष्टीकरण मांगा। बीएसए द्वारा इस तरह की निरीक्षण कार्यवाही से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
इधर, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रभावित वर्गों की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में सात बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी मांगी है, जिनमें प्रभावित विद्यार्थियों का आय-स्तर आधारित वर्गीकरण (निम्न, मध्यम, उच्च), जातिगत वर्गीकरण (SC, ST, OBC, सामान्य), कुल प्रभावित बच्चों की संख्या और सूची (ग्रामवार और ब्लॉकवार), वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था, अभिभावकों की सहमति/आपत्ति, मर्ज किए गए विद्यालयों के शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति सूची, और ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सूची शामिल हैं। सांसद यादव ने जनहित में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।


