Azamgarh News: अनियमिता पाये जाने पर डीएम ने कोटेदार को किया निलंबित, मचा हड़कंप

Azamgarh News; जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या के आधार पर रामवृक्ष का उचित दर दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Shravan Kumar
Published on: 24 July 2025 8:11 PM IST
Azamgarh News: अनियमिता पाये जाने पर डीएम ने कोटेदार को किया निलंबित, मचा हड़कंप
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अनियमिता पाये जाने पर डीएम ने कोटेदार को किया निलंबित  (PHOTO: SOCIAL MEDIA)

Azamgarh News: आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर तहसील के ग्राम पंचायत कंझारी में उचित दर विक्रेता रामवृक्ष के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के चलते कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या के आधार पर रामवृक्ष का उचित दर दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया गया है। शिकायतकतार्ओं राधेश्याम यादव और ओमप्रकाश यादव ने रामवृक्ष पर ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन न देने, निर्धारित से कम राशन देने और खाद्यान्न को कालाबाजारी में बेचने का आरोप लगाया था।

62 कार्डधारकों के बयान दर्ज

पूर्ति निरीक्षक, मेंहनगर ने मौके पर जांच की, जिसमें 62 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। इनमें से 22 कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न मिलने की शिकायत की। जांच के दौरान विक्रेता की दुकान पर भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया, जिसमें गेहूं, चावल और चीनी का अवशेष शून्य पाया गया।

अगस्त 2025 के लिए प्राप्त खाद्यान्न और पूर्व माह का अवशेष स्टॉक भी दुकान में उपलब्ध नहीं था। पूछताछ में रामवृक्ष कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच में पाया गया कि 39.61 क्विंटल गेहूं, 54.16 क्विंटल चावल और 3 किलोग्राम चीनी की कालाबाजारी की गई। दुकान पर साइन बोर्ड, रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड तो थे, लेकिन टोलफ्री नंबर और उच्चाधिकारियों के नंबर प्रदर्शित नहीं थे। स्टॉक रजिस्टर भी अपडेट नहीं था।

जिलाधिकारी ने पूर्ति निरीक्षक की संस्तुति पर रामवृक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश दिया। जांच में पाई गई अनियमितताएं उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु वितरण आदेश 2016 और अनुबंध पत्र की शर्तों का उल्लंघन करती हैं, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत दंडनीय अपराध है।

जिला पूर्ति अधिकारी को FIR दर्ज करने और अनुबंध निलंबन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में राशन वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

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