Baghpat News: बड़ौत में ऋषभदेव जैन मंदिर का शिलान्यास और जिनबिंब स्थापना समारोह

Baghpat News: अतिथि भवन की 1961 में जिन चैत्यालय की स्थापना हुई थी और 2012 में अतिथि भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था। अब समाज ने मंदिर के भव्य निर्माण का संकल्प लिया है।

Paras Jain
Published on: 24 Sept 2025 3:58 PM IST
Rishabhdev Jain Temple
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बड़ौत में ऋषभदेव जैन मंदिर का शिलान्यास और जिनबिंब स्थापना समारोह  (PHOTO: Social media )

Baghpat News: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी बड़ौत के अतिथि भवन में स्थित भगवान ऋषभदेव जिन चैत्यालय के पुनर्निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य शुरू होने जा रहा है। करीब 63 वर्ष पुरानी प्रतिमा अब नए मंदिर परिसर में भव्य वेदी पर विराजमान होगी। इसके लिए सकल जैन समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार, अतिथि भवन की 1961 में जिन चैत्यालय की स्थापना हुई थी और 2012 में अतिथि भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था। अब समाज ने मंदिर के भव्य निर्माण का संकल्प लिया है। आगामी शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को सुबह 8 बजे से नई वेदी का शिलान्यास समारोह संपन्न होगा। इस अवसर पर मंत्रोच्चार के बीच शिलाएं स्थापित की जाएंगी और मंदिर निर्माण की पावन शुरुआत होगी। इसके बाद शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 को सुबह 8 बजे अर्हताय नूतन वेदिका में जिनबिंब स्थापना का कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दिन 27 प्रतिमाएं और 15 यंत्र नई वेदी में प्रतिष्ठापित किए जाएंगे। कार्यक्रम में श्री 108 निर्मलसागर जी महाराज का मंगल आशीर्वाद और आचार्य श्री 108 नयनसागर जी मुनिराज के मंगल आशीर्वाद और पावन सान्निध्य रहेगा।

27 सितंबर को भजन संध्या का आयोजन

कार्यक्रम की श्रृंखला में 27 सितंबर को पूर्व संध्या पर शाम 7 बजे भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमे मुंबई की भजन गायिका आस्था जैन शिरकत करेगी और अपने भजनों से लोगो को भक्तिमय करेगी । वहीं 28 सितंबर को जैन सन्त आचार्य श्री 108 नयनसागर जी मुनिराज का वैराग्य धारण दिवस भी मनाया जाएगा। शिलान्यास और जिनबिंब स्थापना समारोह का आयोजन बड़ौत दिगंबर जैन समाज समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसमें पूरे क्षेत्र के जैन समाजजन उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।

समाज के लोगों का कहना है कि यह अवसर ऐतिहासिक और अविस्मरणीय होगा। नई वेदी और भविष्य के मंदिर निर्माण से यह स्थान और अधिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित होगा। समाज ने सभी श्रद्धालुओं से इन पावन अवसरों पर सम्मिलित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

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