Chandauli News: तबादले के बाद भी पुराने दफ्तरों में जमे मनरेगा के लेखा सहायक, चंदौली में चर्चाओं का बाज़ार गर्म

Chandauli News: ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों लेखा सहायकों को अपने पुराने कार्यालयों में ही काम करना है, तो उनके स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया जाना चाहिए।

Sunil Kumar
Published on: 15 July 2025 2:19 PM IST
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Chandauli News:चंदौली जिले के नौगढ़ और शहाबगंज ब्लॉक में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। दरअसल, इन दोनों ब्लॉकों के मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के लेखा सहायकों का तबादला इसी साल जनवरी में हुआ था। नौगढ़ के लेखा सहायक को शहाबगंज भेजा गया, जबकि शहाबगंज के लेखा सहायक का स्थानांतरण नौगढ़ ब्लॉक में कर दिया गया। दोनों कर्मचारियों ने अपने-अपने नए कार्यस्थलों पर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। लेकिन, इस प्रशासनिक प्रक्रिया के बावजूद, दोनों लेखा सहायक अब भी अपने पुराने कार्यालयों में ही काम करते हुए देखे जा रहे हैं।

जनवरी में हुआ था स्थानांतरण, फिर क्यों पुराने दफ्तर में?

यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय लोगों ने ध्यान दिया कि जिन लेखा सहायकों का तबादला हो चुका है, वे अब भी पहले की तरह अपने पुराने दफ्तरों में ही मौजूद हैं और कामकाज संभाल रहे हैं। यह स्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। हर कोई यह जानना चाहता है कि जब दोनों का स्थानांतरण हो गया है और उन्होंने नए स्थानों पर जिम्मेदारी भी ले ली है, तो फिर वे अपने पुराने कार्यालयों में कैसे काम कर रहे हैं? यह सवाल आम लोगों के मन में कौतूहल और संदेह पैदा कर रहा है।

अधिकारियों के अलग-अलग दावे

इस संबंध में जब शहाबगंज के खण्ड विकास अधिकारी से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो पाई। वहीं, नौगढ़ के खंड विकास अधिकारी अमित कुमार से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे (स्थानांतरित लेखा सहायक) अब नौगढ़ में कार्य नहीं करते हैं। हालांकि, सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। सूत्रों की मानें तो दोनों ही कर्मचारी आज भी स्थानांतरण के बाद अपने पुराने कार्यालयों में नियमित रूप से देखे जा सकते हैं और कामकाज निपटा रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार

इस विचित्र स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों लेखा सहायकों को अपने पुराने कार्यालयों में ही काम करना है, तो उनके स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया जाना चाहिए। इस तरह की प्रशासनिक विसंगति से कामकाज में भ्रम और अनियमितता की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं और इस अप्रत्याशित उपस्थिति का क्या कारण सामने आता है।

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