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Chandauli News: पति के मौत के बाद झांसी से विधवा आकर लगा रही न्याय की गुहार, रसूखदार को बचाने के लिए पुलिस कर रही लीपा पोती
Chandauli News: पीड़िता का आरोप है कि जांच अधिकारी मामले में लीपा पोती करते हुए उस दुर्घटना को मोटरसाइकिल से हुई टक्कर दिखाकर रसूखदार स्कॉर्पियो सवार को बचा रहे हैं।
Chandauli News: चंदौली जनपद इन दिनों एक दर्दनाक और संवेदनशील मामले को लेकर चर्चा में है। झांसी जनपद से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय कर एक पीड़ित विधवा महिला शबाना न्याय की गुहार लगाने पहुंची है। उसका आरोप है कि उसके पति रमजान उल्ला खान की मौत एक स्कॉर्पियो वाहन से कुचले जाने के कारण हुई थी, लेकिन जांच अधिकारी मामले में लीपा पोती करते हुए उस दुर्घटना को मोटरसाइकिल से हुई टक्कर दिखाकर रसूखदार स्कॉर्पियो सवार को बचा रहे हैं।
पीड़िता ने बताया कि उसके पति चंदौली में ही सैमसंग कंपनी में जाब करते थे।सैयदराजा थाना के जेठमलपुर गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़िता के पति रमजान उल्ला खान की मौत एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की चपेट में आने से हुई थी। इसके बावजूद, पुलिस ने मोटरसाइकिल की टक्कर की कहानी बनाकर रसूखदार स्कॉर्पियो सवार को बचा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया की स्कॉर्पियो सवार द्वारा कुचलने के बाद उसमें से एक वर्दीधारी पुलिस कर्मी निकला और मृत देख चला गया।लोगों का कहना है कि उस गाड़ी में कोई नेता बैठा था और वह उसका गनर था ।उसे बचाने में पुलिस जुटी हुई है।
मामले की लीपापोती में जुटी पुलिस
महिला का कहना है कि पुलिस न केवल सबूतों की अनदेखी कर रही है, बल्कि मामले की लीपापोती में भी जुटी हुई है।पति की मौत के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई यह महिला अब न्याय की आस में दर-दर की ठोकरें खा रही है। चंदौली में वह अधिकारियों से मिल रही है, आवेदन दे रही है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ईमानदारी से जांच करती, तो अब तक दोषी को सजा मिल जाती। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है।
यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि न्यायिक प्रणाली और प्रशासनिक संवेदनशीलता की असली परीक्षा बन चुका है। अब देखना यह है कि क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

