Etah News: 7 फुट के मगरमच्छ की दहशत: तीन दिन की मशक्कत के बाद भी वन विभाग नाकाम, ग्रामीणों में भय का माहौल

Etah News: गांव में प्रमोद यादव के घर के निकट तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की।

Sunil Mishra
Published on: 23 July 2025 5:13 PM IST
Etah News: 7 फुट के मगरमच्छ की दहशत: तीन दिन की मशक्कत के बाद भी वन विभाग नाकाम, ग्रामीणों में भय का माहौल
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एटा में 7 फुट के मगरमच्छ की दहशत  (photo: social media )

Etah News: एटा उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के ब्लाक शीतलपुर ब्लॉक के ग्राम मरथरा भगवानदास में तालाब में देखे जा रहे मगरमच्छों ने ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लगातार शिकायतों के बाद आगरा एवं लखनऊ की वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने के लिए गांव पहुंची, लेकिन तीन दिन तक अथक प्रयास के बावजूद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।

गांव में प्रमोद यादव के घर के निकट तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की। टीम ने तीन दिनों तक मछली के चारे और अन्य साधनों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन बारिश के कारण तालाब का जलस्तर बढ़ गया और मगरमच्छ फिर से अदृश्य हो गया। इसके चलते उसे पकड़ना मुश्किल हो गया और टीम को बिना सफलता के ही वापस लौटना पड़ा।

इसी प्रकार की स्थिति विकासखंड जैथरा के ग्राम कुशरा में भी देखी गई, जहां तालाब में मगरमच्छ के दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग को सूचित किया गया। जलेसर क्षेत्र के रेंजर गिरिजेश तिवारी ने बताया कि लगातार बारिश और क्षेत्र में कीचड़ अधिक होने की वजह से टीम तालाब तक नहीं पहुंच सकी है। तालाब के किनारे खेतों में कार्य कर रहे ग्रामीणों को सबसे अधिक खतरा है, क्योंकि मगरमच्छ कीचड़ में छिपकर हमला कर सकता है।

ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि यदि वन विभाग समय रहते मगरमच्छ को नहीं पकड़ता तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस संबंध में डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि मरथरा भगवानदास गांव में लगातार बारिश के कारण तालाब में फिर से पानी भर गया है, जिससे मगरमच्छ फिर छिप गया। उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार दोबारा प्रयास किया जाएगा।

देखना यह है कि एटा प्रशासन कब तक इन मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान तक पहुंच पाता है जिससे कोई जनहानि की संभावना को कम किया जा सके व मगरमच्छों को भी सुरक्षित स्थान मिल सके।

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