Etah News: "अब क्या चूहे करेंगे इलाज?" – एटा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से वायरल हुआ एक और शर्मनाक वीडियो

Etah News: परिजनो ने बताया कि उपचार के दौरान न केवल बेड के पास चूहे घूमते देखे गए, बल्कि वे कूड़े के भरे डिब्बे से निकलकर इंस्ट्रूमेंट्स के ऊपर तक जा पहुंचे।

Sunil Mishra
Published on: 15 July 2025 4:19 PM IST
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Etah News: करोड़ों की लागत से बना वीरांगना अवंतीबाई लोधी राजकीय मेडिकल कॉलेज, एटा एक बार फिर सुर्खियों में है — और इस बार वजह न कोई उपलब्धि है, न ही चिकित्सा सेवा... बल्कि चूहों का आतंक! अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि मरीजों के बेड पर और जीवन रक्षक उपकरणों के आसपास चूहे बेधड़क घूम रहे हैं।

मामला एटा के अशोक नगर निवासी मीनाक्षी से जुड़ा है, जो अपने पपरिजनों के साथ इमरजेंसी में पहुंचीं थीं। उनके परिजनो ने बताया कि उपचार के दौरान न केवल बेड के पास चूहे घूमते देखे गए, बल्कि वे कूड़े के भरे डिब्बे से निकलकर इंस्ट्रूमेंट्स के ऊपर तक जा पहुंचे। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भयावह हो जाती है, क्योंकि संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों द्वारा सफाई व्यवस्था पर ध्यान न देना, चूहों और अन्य कीटों के पनपने का कारण बन रहा है, जो मरीजों में नई बीमारियों को जन्म दे सकता है। यह रवैया साफ दर्शाता है कि जिम्मेदार अधिकारी न तो मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं और न ही अस्पताल की समग्र व्यवस्था को लेकर

तीमारदारों का फूटा गुस्सा – "क्या अब इलाज डॉक्टर नहीं, चूहे करेंगे?"

अस्पताल में मौजूद तीमारदारों में भारी नाराज़गी देखी गई। एक तीमारदार ने तीखे शब्दों में कहा, क्या अब डॉक्टर की जगह चूहे इलाज करेंगे? इतनी बड़ी मेडिकल फैसिलिटी है, लेकिन हालत बहुत खराब है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

ये हालात सवाल उठाते हैं कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह चिकित्सा संस्था आखिर किसके भरोसे चल रही है? क्या प्रशासन का काम केवल उद्घाटन और औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रह गया है?

चूहों की मौजूदगी न सिर्फ उपकरणों को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि मरीजों की जान को भी खतरे में डाल रही है। अगर समय रहते अस्पताल की सफाई व्यवस्था, निगरानी और जिम्मेदारी तय नहीं की गई, तो यह लापरवाही बड़ी स्वास्थ्य आपदा में तब्दील हो सकती है।

घटना की जानकारी के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एस. चंद्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उन्होंने फोन नहीं उठाया। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है, या फिर मरीजों की किस्मत यूं ही चूहों के रहमोकरम पर छोड़ दी जाएगी।

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