Etah News: मोनी बाबा उर्फ खूनी बाबा ने पिलखतरा में शुरू की 41 दिवसीय अग्नि तपस्या

Etah News: करीब साढ़े तीन दशक से तपस्याओं में लीन मोनी बाबा अब तक 12-12 वर्ष की जल व अग्नि तपस्याएं कर चुके हैं। इसके अलावा वर्षों तक उन्होंने खड़ेश्वरी तप भी किया।

Sunil Mishra
Published on: 18 May 2025 6:53 PM IST
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Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा थाना जलेसर क्षेत्र के गांव पिलखतरा में रविवार को मोनी बाबा ने 41 दिवसीय अग्नि तपस्या का शुभारंभ किया आज तक दोपहर 12 बजे से शुरू हुई दो घंटे की इस तपस्या के दौरान उनके चारों ओर जलते कंडों की धूनी लगी रही। तपस्या की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवोंकृअब्दुलहईपुर, खेड़िया उल्दापुर, खेड़िया रसीदपुर, बत्तपुरा, जमालपुर आदि से भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन को उमड़ पड़े।

गुरुकृपा के चलते मोनी बाबा के शिष्य रानू बाबा भी 41 दिवसीय खड़ेश्वरी तपस्या में लीन हैं। गांव के बुजुर्गों बृजनाथ शर्मा और रामवीर ने बताया कि मोनी बाबा का जन्म गांव पिलखतरा में सुभाष शर्मा के रूप में हुआ था। उन्होंने अल्पायु में ही सांसारिक जीवन त्याग दिया और माता केला देवी मंदिर के निकट अटवा में विशाल आश्रम की स्थापना कर पूजा-अर्चना की।

करीब साढ़े तीन दशक से तपस्याओं में लीन मोनी बाबा अब तक 12-12 वर्ष की जल व अग्नि तपस्याएं कर चुके हैं। इसके अलावा वर्षों तक उन्होंने खड़ेश्वरी तप भी किया। बाबा पिछले 35 वर्षों से मौन व्रत धारण किए हुए हैं, इसी कारण उन्हें ‘मोनी बाबा’ के नाम से जाना जाता है। उनके भक्तों के अनुसार, तपस्या के प्रारंभिक दिनों में बाबा के शरीर से सर्प लिपटे रहते थे, जिससे लोग डरते थे, लेकिन बाद में उन्होंने सर्पों को शरीर से अलग कर दिया।

मोनी बाबा का आश्रम गोवर्धन (मथुरा) के ठाक वन और अटवा (केला देवी मंदिर के निकट) में स्थित है, जहाँ हजारों देश-विदेशी अनुयायी समय-समय पर आते रहते हैं। अटवा आश्रम में उन्होंने 108 शिवलिंगों की स्थापना भी की है। मौनी बाबा विदेशों में ‘खूनी बाबा’ के नाम से विख्यात हैं। अग्नि तपस्या आयोजन में गांव के राजू पाराशर, प्रकाश भारद्वाज, कुलदीप शर्मा, भरत शर्मा, पवन ठाकुर, वीरेश ठाकुर, जितेंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, अंकित ठाकुर आदि भक्त आने वाले भक्त गणों व बाबा की सेवा कर रहे हैं।

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