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Firozabad News: मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार की मतदाता सूची और विपक्ष के आरोपों पर दी सफाई
Firozabad News: चुनाव आयोग स्वयं सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों से संपर्क करता है। अब तक पांच राष्ट्रीय दलों और चार से अधिक राज्य स्तरीय दलों से बैठकें हो चुकी हैं।
Firozabad News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आज एक निजी दौरे पर फिरोजाबाद आए, जहाँ उन्होंने बिहार की मतदाता सूची और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी।मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग का राजनीतिक दलों से लगातार संवाद बना रहता है। पिछले चार महीनों में हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी मीटिंग करवाई गई हैं। हर जिले में और प्रत्येक राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में भी पार्टी मीटिंग आयोजित की गईं। कुल मिलाकर लगभग 5,000 ऐसी मीटिंग्स हुईं, जिनमें करीब 28,000 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग स्वयं सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों से संपर्क करता है। अब तक पांच राष्ट्रीय दलों और चार से अधिक राज्य स्तरीय दलों से बैठकें हो चुकी हैं। यदि कोई मुद्दा सामने आता है तो आयोग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से भी मिलता है। चुनावी प्रक्रिया में सबसे प्रमुख भूमिका मतदाताओं की होती है, लेकिन इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण हितधारक राजनीतिक दल होते हैं, और चुनाव आयोग का उनके साथ सतत संवाद बना रहता है।मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगे कहा कि कई बार आयोग द्वारा जारी आदेशों को यदि ध्यान से पढ़ा जाए, तो उनमें ही कई विवादित विषयों के समाधान निहित होते हैं।
बिहार की मतदाता सूची को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में जिन व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, वे संविधान के अनुच्छेद 326 के अंतर्गत प्राथमिक दृष्टि से पात्र माने जाते हैं। ऐसे व्यक्तियों को कोई अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। यदि उनके बच्चे मतदाता बनते हैं, तो उन्हें भी अपने माता-पिता से संबंधित कोई प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है।जहाँ तक समय-सीमा की बात है, तो 2002 में बिहार में ज्ञान परीक्षण 15 जुलाई से 14 अगस्त तक, कुल 31 दिनों में संपन्न हुआ था। इस बार भी प्रक्रिया 24 जून से 25 जुलाई तक, यानी 31 दिनों के भीतर पूरी की जा रही है।


