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Gonda News: विद्यालयी रिकॉर्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा! एक ही छात्रा के दो नाम और दो जन्मतिथि, शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर
Gonda News: विद्यालय द्वारा जारी स्थानांतरण प्रमाण पत्र में छात्रा का नाम सोनाली लिखा गया है,जबकि आधार कार्ड और समग्र शिक्षा पोर्टल में वही छात्रा शिवानी के नाम से दर्ज है।
विद्यालयी रिकॉर्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा! एक ही छात्रा के दो नाम और दो जन्मतिथि (photo: social media )
Gonda News: यूपी के गोंडा जनपद के कर्नलगंज विकासखंड अंतर्गत स्थित कम्पोजिट विद्यालय कुतुबपुर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ही छात्रा के शैक्षिक दस्तावेजों और आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज पाए गए हैं। शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का यह मामला समग्र शिक्षा पोर्टल से लेकर स्कूल के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) और आधार रिकॉर्ड तक फैला हुआ है।
विद्यालय द्वारा जारी स्थानांतरण प्रमाण पत्र में छात्रा का नाम सोनाली लिखा गया है,जबकि आधार कार्ड और समग्र शिक्षा पोर्टल में वही छात्रा शिवानी के नाम से दर्ज है। इतना ही नहीं, जन्मतिथि को लेकर भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। टीसी में अंक के रूप में जन्मतिथि 04-01-2010 दर्ज है, वहीं शब्दों में जन्मतिथि चार अक्टूबर 2011 लिखी गई है। जबकि आधार कार्ड और स्कूल रजिस्टर में जन्मतिथि 01/01/2010 दर्ज है। आश्चर्य की बात तो यह है कि टीसी में यह भी दर्ज है कि छात्रा ने 2010 में कक्षा-8 पास कर ली,जबकि उसका जन्म ही 2010 या 2011 में दिखाया गया है। यानी छात्रा ने जन्म से पहले ही आठवीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली।
नाम और जन्मतिथि में हेरफेर जानबूझकर किया गया
इन सबके बीच छात्रा की माता का नाम "रेनू" और पिता का नाम "राजेन्द्र यादव" सभी दस्तावेजों में समान है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नाम और जन्मतिथि में हेरफेर जानबूझकर किया गया है। शिक्षा विभाग की लापरवाही और दस्तावेजों में इस तरह की असंगति कई गंभीर सवाल खड़े करती है। इसी के साथ ही यह किसी फर्जीवाड़े का हिस्सा लग रहा है। ऐसे में गंभीर सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या किसी छात्रा को दो अलग पहचान देकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा है? कहीं यह फर्जी दाखिले या छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ा मामला तो नहीं? इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े रोके जा सके।


