Gonda News: गोंडा में किशोरी की आत्महत्या से मचा हड़कंप: छेड़छाड़ से आहत होकर दी जान, पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

Gonda News: गोंडा के कटरा बाजार में एक नाबालिग किशोरी ने छेड़खानी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। परिवार और जनता ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। 9 महीने पुराना ब्लाइंड मर्डर केस भी अभी तक नहीं सुलझा।

Radheshyam Mishra
Published on: 19 July 2025 8:50 PM IST
Hurt by mockery Di Jan, serious charges of negligence on police
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छेड़छाड़ से आहत होकर दी जान, पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप (Photo- Social Media)

Gonda News: गोंडा (उत्तर प्रदेश) – गोंडा जिले के कटरा बाजार थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक नाबालिग किशोरी ने छेड़खानी और उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली, विशेष रूप से पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, मां का छलका दर्द

पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को एक मुस्लिम युवक द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। 13 जुलाई को इस संबंध में थाना कटरा बाजार में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मां ने बताया कि आरोपी की हरकतों से मानसिक रूप से टूट चुकी बेटी ने आखिरकार फिर से हुई छेड़खानी के बाद आत्मघाती कदम उठा लिया।

थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर भी उबाल

स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी राजेश सिंह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में दबंगों और अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। कई गंभीर मामलों में भी पुलिस ने लापरवाही दिखाई। सोशल मीडिया पर #JusticeForVictim जैसे ट्रेंड चलाए जा रहे हैं। यूजर्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी पुलिस और गोंडा पुलिस को टैग कर न्याय की मांग कर रहे हैं।

9 महीने पुराना ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस भी अब तक अनसुलझा

कटरा बाजार पुलिस पहले से ही सवालों के घेरे में थी। 6 अक्टूबर 2024 को सेल्हरी मंशापुरवा के पास बोरे में बंद एक 20 वर्षीय युवती की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। आज तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है और न ही हत्या की गुत्थी सुलझी है।

तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संजय गुप्ता को मामले में नाकामी पर लाइन हाजिर कर दिया गया था। 5 नवंबर को तेजतर्रार कहे जाने वाले राजेश सिंह को थाने की कमान सौंपी गई, लेकिन अब 8 महीने बीतने के बाद भी यह केस अनसुलझा है।

पोस्टमार्टम तक में देरी और बलात्कार की आशंका के बावजूद जांच की धीमी गति ने पुलिस की गंभीरता पर सवाल खड़े किए हैं।

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