योगी के मंत्री का BJP को 'अल्टीमेटम', कहा- "फायदा नहीं तो तोड़ दें गठबंधन", UP में आएगा सियासी भूचाल

BJP News: योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने BJP को अल्टीमेटम देकर यूपी की सियासत में भूचाल ला दिया।

Harsh Srivastava
Published on: 26 Aug 2025 6:57 PM IST
योगी के मंत्री का BJP को अल्टीमेटम, कहा- फायदा नहीं तो तोड़ दें गठबंधन, UP में आएगा सियासी भूचाल
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Sanjay Nishad on BJP Alliance: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी की सहयोगी पार्टी निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने एक ऐसा बड़ा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर बीजेपी को लगता है कि उनसे कोई फायदा नहीं है, तो वह गठबंधन तोड़ सकती है। इस बयान ने न केवल बीजेपी को असमंजस में डाल दिया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यूपी में होने वाला है कोई बड़ा सियासी बदलाव?

संजय निषाद का 'अल्टीमेटम'

गोरखपुर में पत्रकारों से बात करते हुए संजय निषाद ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी को लगता है हमसे कोई फायदा नहीं हो तो बीजेपी गठबंधन तोड़ सकती है। लेकिन निषाद पार्टी अपने अस्तित्व की लड़ाई अकेले भी लड़ने के लिए तैयार है।" यह बयान एक तरह से बीजेपी को दिया गया अल्टीमेटम है, जो दिखाता है कि निषाद पार्टी अब अपने हक के लिए समझौता करने को तैयार नहीं है। निषाद ने बीजेपी को सपा और बसपा से आए नेताओं से सावधान रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपने सहयोगी दलों के साथ भरोसे के साथ चलना चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के संघर्ष की बात करते हुए कहा कि उन्होंने मछुआरों की लड़ाई शुरू की और आज यह आंदोलन देशव्यापी बन चुका है।

'2024 में हमें कुछ नहीं मिला'

संजय निषाद के बयान से उनकी नाराजगी साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में उनकी पार्टी को कुछ नहीं मिला और अब 2027 में देखना है कि क्या होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें टिकट मांगने की जरूरत नहीं है, बल्कि अगर जयप्रकाश निषाद जैसे नेता उनकी पार्टी में आते हैं तो वे उन्हें टिकट देंगे। संजय निषाद का यह रुख बताता है कि वह अपनी पार्टी के लिए ज्यादा सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी चाहते हैं। उन्होंने 31 तारीख को 'जनजाति दिवस' मनाने का भी ऐलान किया, जिससे वह अपने समुदाय की एकजुटता को दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 2013 से उनका समाज अनुसूचित जाति में शामिल होने के लिए आंदोलन कर रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिली है।

क्या गठबंधन खतरे में है?

संजय निषाद के इस बयान से यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बीजेपी और निषाद पार्टी का गठबंधन खतरे में है? हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना 'मार्गदर्शक' बताया और 'एकता में बल' होने की बात कही, लेकिन उनके कड़े बोल यह भी बताते हैं कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बीजेपी के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि निषाद पार्टी का निषाद, बिंद, मल्लाह जैसे समुदायों में एक मजबूत वोट बैंक है, जो पूर्वांचल की कई सीटों पर निर्णायक साबित हो सकता है। फिलहाल, बीजेपी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह तय है कि संजय निषाद के इस बयान ने यूपी की राजनीति में एक नया तूफान ला दिया है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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