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Hardoi News: हादसे के बाद जागे जिम्मेदार,बच्चो की जान से खिलवाड़ करने वाले कीर्ति कृष्णा अस्पताल को किया सीज
Hardoi News: अगर बुधवार को हादसा ना होता तो यह अस्पताल जिम्मेदारों की सरपरस्ती में संचालित होता रहता। कीर्ति कृष्णा अस्पताल में लगी आग के बाद पूरे अस्पताल में धुएं का काला गुब्बार भर गया था।
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Hardoi News: हरदोई के निजी बाल चिकित्सालय में लगी आग के बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी और देर रात उसे सीज करने का काम किया गया। बाल चिकित्सालय में आग लगने के बाद शहर में हड़कंप मच गया। शहर के बीचो-बीच बना कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय जिम्मेदारों की लापरवाही और अनदेखी के चलते सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ कर संचालित हो रहा था।यह हाल तब था जब चिकित्सालय के ही नजदीक हरदोई मेडिकल कॉलेज बना हुआ है।
अगर बुधवार को हादसा ना होता तो यह अस्पताल जिम्मेदारों की सरपरस्ती में संचालित होता रहता। कीर्ति कृष्णा अस्पताल में लगी आग के बाद पूरे अस्पताल में धुएं का काला गुब्बार भर गया था।हादसे के समय अस्पताल में लगभग 22 बच्चे भर्ती थे जिनको उनके परिजन पोटली में लेकर अस्पताल से भागे थे। बाल चिकित्सालय में भर्ती बच्चों को हरदोई मेडिकल कॉलेज के प्रिडियाड्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ विभाग करेगा मामले की जाँच
घटना के कुछ देर बाद नगर मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय पहुंचे और घटना का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम और नगर मजिस्ट्रेट को सुरक्षा मानक नहीं मिले। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने कीर्ति बाल चिकित्सालय को सीज कर दिया है। हालांकि अब तक इस प्रकरण में किसी भी तरह का अभियोग दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। नगर मजिस्ट्रेट ने बाल चिकित्सालय को सीज करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं।स्वास्थ्य विभाग अब पूरे घटना की जांच में जुटा हुआ है।कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय के बेसमेंट में एक्स रे और लैब बनी हुई है यहीं पर बेसमेंट में ही इलेक्ट्रिक बोर्ड लगा हुआ है
जहां से पूरे अस्पताल को बिजली सप्लाई होती है। अचानक शार्ट सर्किट से पैनल में आग लग गई जिसके बाद पूरे अस्पताल में धुआं ही धुआं देखने को मिला था। अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों के साथ मिलकर बच्चों को पोटली के माध्यम से एंबुलेंस की सहायता से सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने का काम किया था। हालांकि इस दौरान अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर एस के गुप्ता नदारत नजर आए थे। हरदोई में और भी ऐसे कई अस्पताल हैं जो सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ कर संचालित हो रहे हैं। हालांकि इन अस्पतालों पर जिला प्रशासन की अब तक नजर नहीं पड़ी है। हरदोई शहर में ही ऐसे कई अस्पताल हैं जो सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ कर हुए हैं लेकिन उन्हें अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन से एनओसी प्राप्त है।


