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Hardoi News: हरदोई-शाहजहाँपुर के मध्य डाउन ट्रैक से टूटे व ग़ायब मिले पैंडोल क्लिप, यात्री ने की शिकायत तब जागे अधिकारी
Hardoi News: हरदोई शाहजहांपुर रेलखंड के मध्य बेहटा गोकुल टोडरपुर रेलवे स्टेशन के बीच 15909 अवध आसाम एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक रेल यात्री ने डाउन रेलवे ट्रैक का वीडियो बनाकर रेल अधिकारियों से पैंडोल क्लिप के टूटे होने की शिकायत की।
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Hardoi News: रेल हादसों के बाद भी मुरादाबाद मंडल के रेल अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझा है। निरीक्षण के नाम पर केवल जिम्मेदार अधिकारी खानापूर्ति करते आ रहे हैं। भारतीय रेल में हर अधिकारी और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियां दी गई है लेकिन उसके बाद भी उच्च अधिकारियों के गंभीर न होने पर स्टेशन के अधिकारी कार्य में लगातार लापरवाही बरतते आ रहे हैं। जिसका खामियाजा रेलवे को और रेल यात्रियों को उठाना पड़ता है। मुरादाबाद मंडल के रेल अधिकारियों द्वारा हादसे के बाद सुरक्षा व संरक्षा को लेकर निरीक्षण तो रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक के किए जाते हैं लेकिन वह निरीक्षण भी केवल एक खानापूर्ति साबित होते हैं।
हरदोई शाहजहांपुर रेल खंड के अंतर्गत बेहटा गोकुल और टोडरपुर के बीच डाउन ट्रैक के कई पैंडोल क्लिप गायब थे। रेलवे ट्रैक की निगरानी का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों को पैंडोल क्लिप गायब नजर नहीं आए। रेलवे ट्रैक के पैंडोल क्लिप गायब होने से कोई बड़ा हादसा भी घटित हो सकता था। डिब्रूगढ़ से लालगढ़ जा रही अवध आसाम एक्सप्रेस के एक रेल यात्री ने डाउन रेलवे ट्रैक से पैंडोल क्लिप गायब होने की शिकायत रेल अधिकारियों से की जिसका संज्ञान लेकर अधिकारियों की नींद टूटी और पैंडोल क्लिप को लगाने का कार्य किया गया।
कई पैंडोल क्लिप टूटी थी और कई गायब आई नजर
हरदोई शाहजहांपुर रेलखंड के मध्य बेहटा गोकुल टोडरपुर रेलवे स्टेशन के बीच 15909 अवध आसाम एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक रेल यात्री ने डाउन रेलवे ट्रैक का वीडियो बनाकर रेल अधिकारियों से पैंडोल क्लिप के टूटे होने की शिकायत की। रेल यात्री की शिकायत पर रेल अधिकारियों ने इंजीनियरिंग स्टाफ को संबंधित स्थान पर भेजकर रेलवे ट्रैक से निकले पैंडोल क्लिप को दोबारा लगाने का कार्य किया।
रेल यात्री द्वारा बनाए गए वीडियो में डाउन ट्रैक से तीन से चार पैंडोल क्लिप टूटे व गायब नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि रेलवे ट्रैक की निगरानी का जिम्मा पीडब्ल्यूआई और गैंगमैन के पास रहता है फिर भी इस तरह के मामले रेल यात्री द्वारा सामने लाना रेल कर्मियों की कार्यशैली को प्रदर्शित कर रहा है।


