Jhansi News: प्रेम-विवाह की रंजिश में युवक की हत्या, चार दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माना

Jhansi News: झांसी के अपर सत्र न्यायालय ने प्रेम विवाह की रंजिश में खेत पर काम कर रहे युवक की निर्मम हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

Gaurav kushwaha
Published on: 27 Jun 2025 6:40 PM IST
Jhansi News: प्रेम-विवाह की रंजिश में युवक की हत्या, चार दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माना
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प्रेम-विवाह की रंजिश में युवक की हत्या  (photo: social media )

Jhansi News: झांसी के अपर सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या 1) सुनील कुमार यादव की अदालत ने प्रेम विवाह की रंजिश में खेत पर युवक की हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।

मामले की पृष्ठभूमि

एडीजीसी (क्राइम) तेज सिंह गौर के अनुसार, थाना सकरार क्षेत्र निवासी राजा भैया कुशवाहा ने 23 अप्रैल 2023 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा करन सिंह कुशवाहा (35) खेती करता था और करीब दो वर्ष पूर्व गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग के बाद गुप्त रूप से भागकर शादी कर ली थी। यह विवाह लड़की के परिवार को स्वीकार नहीं था।

परिजनों के अनुसार, सुमन के भाई और चाचा कई बार करन को जान से मारने की धमकी दे चुके थे। घटना के दिन करन सिंह अपने खेत में पानी लगा रहा था, तभी गांव के राजाराम कुशवाहा, सियाराम पुत्र श्रवण कुशवाहा, देशराम पुत्र राजाराम, और मानवेंद्र पुत्र सियाराम हाथों में फरसा, कुल्हाड़ी और डंडे लेकर खेत में पहुंचे। उन्होंने करन को घेरकर पहले गाली-गलौज की और फिर हमला कर दिया।

करन जान बचाने के लिए मौजा जावन की ओर भागा, लेकिन आरोपियों ने वहां भी पीछा कर उसे घेर लिया और ताबड़तोड़ प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। मृतक के पिता और रिश्तेदार हरगोविंद मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक करन की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने तत्काल सभी चार आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 302, 504, 506 और 34 के तहत केस दर्ज किया।

मामले की विवेचना एसओ प्रदीप कुमार ने की और 9 जून 2023 को आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। आरक्षी सुरेश कुमार यादव इस केस के पैरोकार रहे।

अदालती फैसला:

सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी पाया और IPC की धारा 302/34 के तहत उन्हें कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को ₹1 लाख का अर्थदंड देने का आदेश दिया गया। जुर्माना न देने पर दोषियों को अतिरिक्त एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा।

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