Jhansi News: आंधी-तूफान ने ली मासूम परिंदों की जान: झांसी में दर्दनाक मंजर, तस्वीर देख कांप उठे दिल

Jhansi News: गांव की गलियों और खेतों में सैकड़ों की संख्या में तोते और मैना मृत पड़ी थीं। हर ओर बेजान पंख और मासूम पंछियों की लाशें बिखरी पड़ी थीं।

Gaurav kushwaha
Published on: 22 May 2025 2:52 PM IST
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आंधी-तूफान ने ली मासूम परिंदों की जान  (photo: social media )

Jhansi News: बीती रात आई तेज आंधी और तूफान ने न सिर्फ पेड़ों को धराशायी किया, बल्कि आसमान के रंग-बिरंगे परिंदों की भी जान ले ली। झाँसी जिले के गुरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंगार में सुबह का नज़ारा इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी।

गांव की गलियों और खेतों में सैकड़ों की संख्या में तोते और मैना मृत पड़ी थीं। हर ओर बेजान पंख और मासूम पंछियों की लाशें बिखरी पड़ी थीं। सुबह जब ग्रामीण जागे और बाहर निकले, तो आसमान के ये हरे-पीले परिंदे जमीन पर बेसुध पड़े थे। कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। बच्चों की चीखें गूंज उठीं, और बूढ़े-बुजुर्ग आसमान की ओर देखते हुए बस इतना ही कह पाए — "हे भगवन, ये कैसा कहर?"

ग्रामीणों ने मृत पक्षियों को एकत्र कर सिंगार तालाब के पास माता मंदिर के पास रखा। वहां दृश्य इतना मार्मिक था कि देखने वालों की आंखें भर आईं। चारों ओर भीड़ उमड़ पड़ी। मासूम पक्षियों की मौत पर हर कोई दुखी था।

जेसीबी से खोदी गई ज़मीन, दफनाए गए सैकड़ों परिंदे

प्रशासन की मदद से जेसीबी मशीन मंगवाई गई। मंदिर के पास गड्ढा खोदकर सैकड़ों मृत तोतों और मैना पक्षियों को विधिवत दफनाया गया। ग्रामीणों ने मोमबत्तियां जलाकर मृत परिंदों को श्रद्धांजलि दी।

प्राकृतिक आपदा या पर्यावरण का बिगड़ता संतुलन?

स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार बदलते मौसम और बेमौसम आंधी-तूफान का कहर अब बेजुबान परिंदों की जिंदगी भी लील रहा है।

गांव के एक बुजुर्ग ने कहा, "हमने ऐसी मौत पहले कभी नहीं देखी। हर रोज सुबह ये तोते-मैना गांव के आसमान में कलरव करते थे, अब आसमान सूना हो गया है।"

पूरा जिला इस हादसे से स्तब्ध है। तस्वीरें और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग दुआ कर रहे हैं कि काश ऐसा मंजर फिर कभी किसी गांव या शहर को न देखना पड़े। सिंगार गांव की वो सुबह शायद ही कोई कभी भूल पाए।j

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