Kanpur News: ग्राम पंचायत रैंकिंग में बदलाव, 174 बिंदुओं पर होगा मूल्यांकन

Kanpur News: जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों को पीएआई की प्रक्रिया से अवगत कराना था।

Tanya Verma
Published on: 24 July 2025 6:53 PM IST (Updated on: 24 July 2025 7:54 PM IST)
Kanpur News: ग्राम पंचायत रैंकिंग में बदलाव, 174 बिंदुओं पर होगा मूल्यांकन
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ग्राम पंचायत रैंकिंग में बदलाव  (photo: social media )

Kanpur News: कानपुर नगर में ग्राम पंचायतों की कार्यशैली और विकास कार्यों का आकलन अब पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से होगा। इसके लिए पंचायत उन्नयन सूचकांक (पीएआई) संस्करण 2.0 को लेकर गुरुवार को सरसैया घाट स्थित सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों को पीएआई की प्रक्रिया से अवगत कराना था। साथ ही ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए डेटा आधारित मूल्यांकन की दिशा में कदम बढ़ाना था।

जिलाधिकारी ने बताया कि अब पंचायतों की प्रगति 12 विभागों से जुड़े 174 विशिष्ट सूचकांकों के आधार पर मूल्यांकित की जाएगी। इन सूचकांकों को सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के 9 प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा गया है। इनमें स्वच्छता, पोषण, शिक्षा, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन जैसे मानक शामिल हैं।

प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने स्तर पर इन सूचकांकों पर आधारित डेटा पोर्टल पर अपलोड करेगी। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा ब्लॉक स्तर पर सत्यापन कर जिला मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। अंतिम रूप से डेटा राज्य स्तर पर जाकर पंचायतों की रैंकिंग निर्धारित करेगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान विभागीय अधिकारियों को पीएआई पोर्टल, इंडिकेटर फॉर्मेट, सत्यापन प्रक्रिया और रैंकिंग पद्धति की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपनी विभागीय जिम्मेदारियों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देंगे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास योजनाओं की प्रभावशीलता तभी सुनिश्चित होगी जब ग्राम पंचायत स्तर पर सटीक आंकड़े जुटाए जाएं। इन आंकड़ों का उपयोग उपयोगी योजना निर्माण में किया जाए। पीएआई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी दिव्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरिदत्त नेमी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला कृषि अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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