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Kaushambi News: नाबालिग बालिकाओं से नाली निर्माण करवा रहा ठेकेदार चिन्हित, श्रम अधिनियम उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश
Kaushambi News: जिलाधिकारी ने बालिकाओं से संवेदनशील संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और आश्वस्त किया कि अब वे स्कूल जाएंगी, न कि श्रमिक बनेंगी।
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Kaushambi News: जिला प्रशासन ने एक बार फिर बाल श्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कड़ा संदेश दिया है।जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय आते समय डायट मैदान के पास नाली निर्माण कार्य में नाबालिग बालिकाओं को मजदूरी करते हुए देखा। इस पर उन्होंने तुरंत वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बालिकाओं से संवेदनशील संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और आश्वस्त किया कि अब वे स्कूल जाएंगी, न कि श्रमिक बनेंगी। उन्होंने मौके पर ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी नेहा यादव से दूरभाष पर संपर्क कर ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने इस पूरे प्रकरण को बाल श्रम अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन बताया और इस पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की।
बालिकाओं के पुनर्वास और सुरक्षा के निर्देश
जिलाधिकारी ने बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास को लेकर बाल कल्याण समिति को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ एक क्रूर मज़ाक भी है।
ठेकेदार पर होगी कठोर कार्रवाई
श्रम प्रवर्तन अधिकारी नेहा यादव ने बताया कि ठेकेदार लालजी, निवासी फतुहा, हनुमानगंज, प्रयागराज द्वारा नाबालिग बच्चियों से निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। यह न केवल बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि नैतिक दृष्टि से भी एक गंभीर अपराध है।अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में निर्माण कार्यों में लगे सभी ठेकेदारों और एजेंसियों को चेतावनी दी गई है कि श्रम कानूनों का पालन हर हाल में करें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
प्रशासन का संदेश साफ है
जनपद कौशांबी में किसी भी प्रकार का बाल श्रम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी बाल श्रमिकों को कार्य में लगाएगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान मिलना उनका अधिकार है, और प्रशासन इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई न सिर्फ एक सशक्त प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि बाल अधिकारों की रक्षा और समाज में बाल श्रम के खिलाफ जन-जागरूकता का भी एक अहम संदेश है।


