Lakhimpur Kheri News: प्रॉपर्टी के लालच में दिव्यांग रमाकांत की हत्या, चचेरे भाई गिरफ्तार; 13 दिन बाद गन्ने के खेत से मिला शव

Lakhimpur Kheri News: लापता होने के 13 दिन बाद विकलांग रमाकांत का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। पुलिस ने उसके मामा की शिकायत पर दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया, जिससे पता चला कि 16 बीघा जमीन के लालच में हत्या की साजिश रची गई थी।

Sharad Awasthi
Published on: 23 Jun 2025 8:42 PM IST
Lakhimpur Kheri News: प्रॉपर्टी के लालच में दिव्यांग रमाकांत की हत्या, चचेरे भाई गिरफ्तार; 13 दिन बाद गन्ने के खेत से मिला शव
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Lakhimpur Kheri News: जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दिव्यांग युवक रमाकांत की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को गन्ने के खेत में छुपा दिया गया था। मौसेरे भाई अच्छे लाल की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी निशानदेही पर सोमवार सुबह दिव्यांग का सड़ा-गला शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की पड़ताल जारी है।

जमीन बनी हत्या की वजह

चंदपुरा गांव निवासी रमाकांत (पुत्र स्वर्गीय हरीकरन लाल) दोनों पैरों से दिव्यांग था और सरबती देवी कॉलोनी में अपने मौसेरे भाई अच्छे लाल के घर रह रहा था। रमाकांत के नाम पर करीब 16 बीघा कीमती जमीन थी। जानकारी के अनुसार, रमाकांत ने अपनी आठ बीघा जमीन बीते 4 जून 2025 को अच्छे लाल की पत्नी शिल्पी देवी के नाम दान कर रजिस्ट्री करा दी थी। शेष आठ बीघा जमीन रमाकांत के नाम बची थी। जमीन दान करने की यह जानकारी मिलने पर रमाकांत के चचेरे भाई सत्येंद्र उर्फ गोलू, जीतू और अंकुल, साथ ही उनकी दादी उनसे नाराज थे।

शादी के बहाने बुलाया

बीते 10 जून को रमाकांत के चचेरे भाइयों सत्येंद्र उर्फ गोलू (पुत्र गुड्डू), जीतू (पुत्र जगदीश), अंकुल (पुत्र जीतू) और उनकी दादी ने फोन करके रमाकांत को चंदपुरा गांव बुलाया और कहा कि उनकी शादी करानी है। इसके बाद रमाकांत ने अपने मौसेरे भाई अच्छे लाल को अपने गांव जाने की बात बताई और उसी दिन अच्छे लाल के घर से निकला, लेकिन वह कभी अपने गांव नहीं पहुंचा।

जब अच्छे लाल को रमाकांत के गांव न पहुंचने की जानकारी हुई, तो उन्होंने सदर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। रमाकांत का कहीं पता न चलने पर पुलिस ने शक के आधार पर आरोपियों गोलू और जीतू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ होने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर 13 दिन से लापता रमाकांत का शव अटकोहना गांव के एक गन्ने के खेत से बरामद किया गया।

अच्छे लाल की पत्नी शिल्पी ने बताया है कि जमीन के लालच में रमाकांत के चचेरे भाइयों और दादी ने मिलकर उसकी हत्या की। शिल्पी के अनुसार, रमाकांत ने अपनी आठ बीघा जमीन पहले ही उनके नाम दान कर दी थी और बची हुई आठ बीघा जमीन भी उन्हें ही देने वाले थे।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हेमंत राय ने बताया कि घटना में शामिल दो आरोपियों सत्येंद्र उर्फ गोलू और जीतू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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