Lakhimpur kheri News: कोतवाल की सूझबूझ से टला धार्मिक आस्था का विवाद,टूटे चबूतरे को पुनः बनवाने पर शांत हुए ग्रामीण

Lakhimpur kheri News: ग्राम प्रधान की जानकारी में तुड़वाकर आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। जिसकी जानकारी सायं को जैसे ही ग्रामीणों को हुई तो गांव में आक्रोश फैल गया।

Sharad Awasthi
Published on: 26 July 2025 10:05 AM IST
Lakhimpur kheri News: कोतवाल की सूझबूझ से टला धार्मिक आस्था का विवाद,टूटे चबूतरे को पुनः बनवाने पर शांत हुए ग्रामीण
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Lakhimpur kheri News: धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गडरियन पुरवा चहमलपुर में सरकारी स्कूल के परिसर में वर्षों से बना धार्मिक चबूतरा गुरुवार को तुड़वाकर ग्राम प्रधान की मौजूदगी में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। जिसकी जानकारी होते ही ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। देर सायं ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया जहां कोतवाल ने सूझबूझ का परिचय देते हुए निर्माण कार्य बंद करवाने के साथ ही प्रधान को पुनः चबूतरा बनवाने को राजी कर बड़ा विवाद होने से बचा लिया,जिसको लेकर गांव में कोतवाल की जमकर प्रशंसा हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धौरहरा क्षेत्र के गड़रियनपुरवा चहमलपुर में बने सरकारी स्कूल में वर्षों से स्थित धार्मिक चबूतरा जिस पर देवी का स्थान मानकर ग्रामीण शादी व्याह होने पर वहां पूजा करते आ रहे थे को गुरुवार को ग्राम प्रधान की जानकारी में तुड़वाकर आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। जिसकी जानकारी सायं को जैसे ही ग्रामीणों को हुई तो गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण एक पास एकत्रित हो आपसी चर्चा कर मामले को लेकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुचे कोतवाल सुरेश मिश्रा ने अपनी काबिलियत का परिचय देते हुए तत्काल प्रभाव से आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य सम्बंधित ठेकेदार से बन्द करवाकर ग्रामीणों की आस्था बने चबूतरे को पुनः बनवाये जाने के लिए ग्राम प्रधान को राजी कर लिया।

जिसके बाद ही आक्रोशित ग्रामीण शांत हो एक तरफ जहां कोतवाल का आभार व्यक्त किया, वही शुक्रवार को टूटे चबूतरे का निर्माण कार्य शुरू होने तक मौके पर मौजूद भी रहे। इस बाबत ग्रामीणों ने बताया चबूतरा वर्षों पहले से बना था,जहां पर शादी व्याह में सभी लोग पूजा करके ही बारात ले जाते व वापस घर लाते थे। कोतवाल साहब की सूझबूझ काम आई जिससे बड़ा विवाद होने से बच गया।

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