Lakhimpur Kheri: यूरिया वितरण में सख्ती, अब खतौनी से मिलेगी खाद; पंचायतों के विकास को 'एडवांसमेंट इंडेक्स'

Lakhimpur Kheri News: जनपद में ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास का आकलन करने के लिए 'पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स' नामक एक नया पोर्टल तैयार किया गया है।

Sharad Awasthi
Published on: 17 July 2025 9:00 PM IST
Lakhimpur Kheri: यूरिया वितरण में सख्ती, अब खतौनी से मिलेगी खाद; पंचायतों के विकास को एडवांसमेंट इंडेक्स
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यूरिया वितरण में सख्ती, अब खतौनी से मिलेगी खाद  (photo: social media )

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने जिले में यूरिया वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। वहीं, दूसरी ओर, जनपद में ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास का आकलन करने के लिए 'पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स' नामक एक नया पोर्टल तैयार किया गया है। ये दोनों पहलें जिले में सुशासन और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

यूरिया वितरण में सख्ती: एफआईआर और तस्करी पर नकेल

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी संकल्प शर्मा ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें यूरिया वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एफआईआर की चेतावनी दी गई है।

मुख्य निर्देश और पहलें:

लेखपालों की ड्यूटी और खतौनी से वितरण: सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र की सोसाइटीज पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करें, जो वितरण की निगरानी करेंगे। खाद का वितरण केवल किसानों की खतौनी देखकर ही किया जाएगा ताकि जरूरत से ज्यादा उर्वरक का आवंटन न हो।

प्राइवेट विक्रेताओं पर कड़ी नजर: टैगिंग या ओवररेटिंग करते पाए जाने पर निजी विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। एसडीएम को नियमित रूप से उर्वरक दुकानों की जांच करने और स्टॉक की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती: उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा पर मोर्चा कस लिया है। एसएसबी की तीनों बटालियन कमांडेंट को बॉर्डर पर कड़ी निगरानी रखने और वाहनों की सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यूरिया की एक भी बोरी सीमा पार न जा सके।

पुलिस की सक्रिय भूमिका: एसपी संकल्प शर्मा ने सभी पुलिस क्षेत्राधिकारियों को सोसाइटीज पर फोर्स की ड्यूटी लगाने और खुद फील्ड में उतरने का निर्देश दिया है। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह लेखपालों की ड्यूटी और उपस्थिति की मॉनिटरिंग करेंगे।

ग्राम पंचायतों का विकास: 'पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स' से मिलेगी नई दिशा

पंचायतों की प्रगति का आकलन अब अधिक सटीक और डेटा-आधारित तरीके से किया जाएगा। इसी उद्देश्य से 'पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स' पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसका लक्ष्य ग्राम पंचायतों की वास्तविक स्थिति को जानना और जरूरतों के अनुसार बेहतर योजनाएं बनाना है।

मुख्य बिंदु और उद्देश्य:

सटीक डेटा फीडिंग: सीडीओ अभिषेक कुमार ने संबंधित सभी विभागों से ग्राम पंचायत स्तर का सटीक और अद्यतन डेटा पोर्टल पर फीड करने की अपील की है। यह डेटा ग्राम पंचायतों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, योजनाओं की पहुंच और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता जैसे सभी पहलुओं का सत्यापन करके फीड किया जाएगा।

योजना निर्माण और मॉनिटरिंग: यह पोर्टल ग्राम पंचायतों की वास्तविक स्थिति को जानने और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक क्रांतिकारी पहल है। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की कार्ययोजना तैयार होगी और ग्रामों की रैंकिंग भी तय की जाएगी।

पुरस्कार और दीर्घकालिक विकास: डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि इंडेक्स के जरिए जिन ग्राम पंचायतों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहेगा, उन्हें “पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार” भी मिलेगा। यह पहल भविष्य में ग्राम पंचायतों के लिए दीर्घकालिक विकास योजनाओं का आधार बनेगी।

कार्यशालाएं और प्रशिक्षण: पोर्टल संचालन प्रक्रिया, लॉगिन प्रणाली और सत्यापित डेटा एंट्री के संबंध में जिला स्तरीय अधिकारियों, तकनीकी सहायकों, डेटा ऑपरेटरों और पंचायत राज विभाग से जुड़े कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी दी गई। ब्लाकों पर भी कार्यशालाओं का रोस्टर जारी कर दिया गया है।

ये दोनों पहलें लखीमपुर खीरी में कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगी।

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