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Lucknow News: चिनहट होटल हत्याकांड में पुलिस नाकाम! 48 घंटे बाद भी गिरफ्त में नहीं आया पिस्टल वाला आरोपी, प्रेमी प्रेमिका हो चुके हैं गिरफ्तार
Lucknow News: पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं क्या सबूत मिटाए जा रहे हैं? क्या जांच में देरी से केस कमजोर होगा? लखनऊ की चिनहट पुलिस के तमाम दावों के बावजूद न तो फरार आरोपी का पता चला।
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Lucknow News: लखनऊ के चिनहट स्थित ईशान इन होटल में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड के 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन लखनऊ पुलिस अब तक मुख्य आरोपी के साथी और हत्या में इस्तेमाल पिस्टल को बरामद नहीं कर सकी है। इस हत्याकांड में दिवाकर यादव की गोली मारकर हत्या करने वाले आकाश तिवारी और युवती को भले ही पुलिस ने तत्काल दबोच लिया हो, लेकिन असली चुनौती उसके साथी आशीष की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी को लेकर है। अब पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं क्या सबूत मिटाए जा रहे हैं? क्या जांच में देरी से केस कमजोर होगा? लखनऊ की चिनहट पुलिस के तमाम दावों के बावजूद न तो फरार आरोपी का पता चला और न ही हत्या में इस्तेमाल हथियार। सवाल अब यह है कि क्या न्याय की राह में पुलिस की लापरवाही रोड़ा बन रही है?
हत्या के बाद साथी को सौंपा हथियार, 48 घंटे से फरार
पुलिस जांच में सामने आया है कि दिवाकर की हत्या के तुरंत बाद आरोपी आकाश तिवारी ने हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल अपने साथी आशीष को सौंप दी थी। तब से आशीष फरार है और पिस्टल भी पुलिस की पहुंच से बाहर है। चिनहट पुलिस ने कई जगह दबिशें दी हैं लेकिन आशीष का कोई सुराग नहीं लगा है। इस बीच अपराधियों के बीच बढ़ती नेटवर्किंग और सहयोग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
CCTV और कॉल डिटेल्स से भी खाली हाथ पुलिस
हत्या की जांच में तकनीकी सहायता के तहत सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कॉल डिटेल्स निकाली गईं, लेकिन पुलिस को कोई ठोस क्लू नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि फरार आरोपी आशीष ने हत्या के बाद से ही अपना मोबाइल बंद कर लिया और लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही। ऐसे में पुलिस की तकनीकी टीम की कार्यप्रणाली और रिस्पॉन्स पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गिरफ्त में हैं प्रेमी-प्रेमिका, पर मामला अब भी अधूरा
हत्या के मुख्य आरोपी आकाश तिवारी और होटल में रुकी युवती को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। दोनों घटना के समय नशे की हालत में थे और होटल के रिसेप्शन पर दिवाकर के साथ बहस के बाद फायरिंग हुई थी। युवती ने ही आरोपी को होटल बुलाया था। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है लेकिन आशीष के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।
परिवार की मांग- 'पिस्टल और आशीष की गिरफ्तारी के बिना अधूरी है न्याय'
दिवाकर यादव के परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दिवाकर अपने परिवार का सहारा था और मात्र चार महीने पहले होटल में नौकरी करने लखनऊ आया था। परिवार का कहना है कि जब तक हत्या का असल कारण और पूरा नेटवर्क सामने नहीं आता और हथियार नहीं बरामद होता, तब तक उन्हें न्याय अधूरा लगेगा। अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


