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UP News: 'अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे CM योगी, बोले- '8 साल में वन विभाग ने लगाए 210 करोड़ से ज्यादा पौधे'
UP News: सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वन विभाग की ओर से प्रकृति संरक्षण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से बीते 8 सालों में 210 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं।
UP News: गुरुवार को लखनऊ के इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में 'अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस' पर संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में वन और जैव विविधता से जुड़े विभागों के अलावा कृषि, मत्स्य, उद्यान, पशुपालन और पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा यूपी सरकार के कई बड़े मंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के अथक प्रयासों से नमामि गंगे परियोजना के अच्छे और बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।
सीएम योगी बोले- वन विभाग ने 8 साल में लगाए 210 करोड़ से ज्यादा पौधे
कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वन विभाग की ओर से प्रकृति संरक्षण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से बीते 8 सालों में 210 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग का प्रकृति संरक्षण के लिए किया जा रहा ये कार्य पर्यावरण व प्रकृति के प्रति हमारी सरकार की कृतज्ञता का एक छोटा सा उदाहरण हो सकता है। सीएम योगी ने कहा कि आज के समय में पेड़ों के संरक्षण के लिए अलग-अलग सेक्टर में अभियान चलकर एक विशाल जन आंदोलन चलाने की जरूरत है।
सीएम योगी ने जटायु को किया याद, बोले- 'रामायण का पहला बलिदानी'
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण के जटायु का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामायण खंड में माता जानकी के लिए जटायु ने अपना बलिदान दिया था। जटायु रामायण के पहले बलिदानी हैं। लेकिन आज वही जटायु अपने अस्तित्व के लिए भारत में भटक रहा है, जिसके चलते हमें जटायु संरक्षण केंद्र बनाने पड़े। उन्होंने कहा कि जटायु आज के समय में अपनी मौत नहीं मर रहे हैं बल्कि फर्टिलाइजर की वजह से उनकी मौत हो रही है।
3 सालों में प्रदेश में लगाये गए 100 करोड़ से ज्यादा पौधे- बोले वन मंत्री
कार्यक्रम में मौजूद वन मंत्री अरुण सक्सेना ने भी अपने संबोधन में वन संरक्षण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महज 3 सालों के भीतर ही उत्तर प्रदेश के अंदर 100 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए, जो कि एक जटिल कार्य था। इससे पर्यावरण पर एक बड़ा फ़सर्क देखने को मिला, जिसके चलते उत्तर प्रदेश के भीतर ग्रीन कवरेज एरिया भी पहले से काफी ज्यादा बढ़ा हुआ देखने को मिला। उन्होंने कहा कि कुकरैल को और अधिक विकसित करने पर काम किया जा रहा है क्योंकि कुकरैल जैव विविधता का एक बड़ा उदाहरण है। कुकरैल जंगल में अलग अलग तरह के जीव पाए जाते हैं।


