Dhanteras and Diwali 2025: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा का सही समय और खरीदारी के उपाय

धनतेरस के शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी को वर्षभर सुख, समृद्धि और आरोग्य देने वाला माना गया है।

Devendra Bhatt (Guru ji)
Published on: 18 Oct 2025 3:03 PM IST
Dhanteras and Diwali 2025
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Dhanteras and Diwali 2025_ (image from Social Media)

Dhanteras and Diwali 2025: कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाने वाला धनतेरस इस वर्ष शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को है। यह पर्व दीपावली का आरंभ माना जाता है, जब लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सोना-चांदी और दीपोत्सव से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी का विशेष महत्व होता है।

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य देवेन्द्र भट्ट गुरुजी के अनुसार, इस वर्ष धनत्रयोदशी का शुभ काल 18 अक्टूबर दोपहर 01:21 बजे से 19 अक्टूबर दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी को वर्षभर सुख, समृद्धि और आरोग्य देने वाला माना गया है।

धनतेरस खरीदारी के शुभ मुहूर्त (शनिवार, 18 अक्टूबर 2025)

दोपहर: 01:31 बजे से 04:23 बजे तक

सायं: 05:48 बजे से 07:23 बजे तक

रात्रि: 08:57 बजे से 10:32 बजे तक

इन समयों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सोना, चांदी, बर्तन, दीपक और घर की सजावट सामग्री की खरीद उत्तम मानी गई है।

लौह धातु (स्टील/आयरन) की खरीद का मुहूर्त (रविवार, 19 अक्टूबर 2025)

प्रातः 09:44 बजे से 12:05 बजे तक — इस अवधि में स्टील, औज़ार, मशीनरी या वाहन आदि की खरीद लाभकारी रहेगी।

दीपावली 2025: कब और कैसे करें लक्ष्मी-गणेश पूजन

दीपावली इस वर्ष सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 की रात्रि में मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर को दोपहर 2:56 बजे से प्रारंभ होगी, अतः इसी दिन दीपावली उत्सव मनाया जाएगा।

पूजन के शुभ समय:

व्यवसायिक प्रतिष्ठानों हेतु: दोपहर 02:56 बजे से 04:01 बजे तक

गृहस्थों के लिए सामान्य पूजन: सूर्यास्त के पश्चात 05:41 बजे से 06:20 बजे तक

वृष लग्न पूजन (श्रेष्ठ समय): रात्रि 07:06 बजे से 09:02 बजे तक

महा निशा पूजन (सिंह लग्न): रात्रि 01:34 बजे से 03:48 बजे तक

ज्योतिषाचार्य भट्ट गुरुजी ने बताया कि इन मुहूर्तों में पूजन करने से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है, तथा वर्षभर धन, आरोग्य और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

इस दीपोत्सव पर शुभ भाव और संयम से किया गया पूजन न केवल आर्थिक समृद्धि लाता है, बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और मंगलमय वातावरण का संचार भी करता है।

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