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जिंदगी की जंग! मौत से जूझ रही 3 साल की मासूम
Lucknow News: डायरिया ने जानकीपुरम में तबाही मचा राखी है, एक तीन साल की मासूम को भर्ती किया गया है
CMO Dr Nb Singh Inspecting In Jankipuram
Lucknow News: जानकीपुरम में डायरिया की समस्या से ग्रस्त होने वाले मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को तीन मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों में एक तीन साल की मासूम की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल उसे बलरामपुर अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। मौके पर जलकल, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर पूरे इलाके में सात अलग-अलग जगहों से सैम्पल एकत्रित किए हैं। नमूने जांच के लिए राज्य स्वास्थ्य संस्थान भेजा गया है।
8 दिनों से लगातार मिल रहे नए मरीज
बीते 20 अगस्त से जानकीपुरम विस्तार की कई कॉलोनियों में डायरिया समेत, बुखार समेत अन्य बीमारियों का प्रकोप खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अबतक अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों में तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है। जोकि एक बलरामपुर अस्पताल और दो केजीएमयू में हुई थी।
जांच के लिए सैंपल लेकर भेजा
बीते आठ दिनों से इलाके में चल रही गंभीर हालत को देखने के बाद शुक्रवार को जलकल और नगर निगम नींद से जाग उठा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि आठ दिनों पहले किए जाने वाले कार्य को विभाग ने शुक्रवार को किया। जानकीपुरम में आलग-अलग इलाकों से विभाग के अधिकारियों ने सैंपल एकत्रित किया है और जांच के लिए स्वास्थ्य संस्थान भेजा है। वहीं, नगर निगम और जलकल की लापरवाही अबतक तीन मरीजों की जान ले चुकी है और अब एक मासूम जिन्दगी और मौत के बीच बलरामपुर अस्पताल में झूल रही है। शुक्रवार को जानकीपुरम से दो मरीजों को केजीएमयू ट्रामा में भर्ती कराया गया। इसमें 49 वर्षीय नरेश और 30 वर्षीय ऊषा शामिल हैं। वहीं नौवां खेड़ा की ललिता (3) को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर गुरुवार शाम पांच बजे परिजन क्षेत्र में लगे स्वास्थ्य शिविर में ले गए थे। यहां से एंबुलेंस के जरिए मासूम को बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया। इमरजेंसी में भर्ती कर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। मां मुन्नी देवी के मुताबिक उसकी हालत बिगड़ गई है। शुक्रवार को मासूम को एनआईसीयू में शिफ्ट किया गया। मासूम को बुखार व झटके आने की भी शिकायत है। वहीं स्वास्थ्य शिविर और ट्रॉमा सेंटर में 15 से ज्यादा लोग डॉक्टर की सलाह लेने पहुंचे। डॉक्टरों ने मरीजों को देखकर दवाएं दी।
पानी में मापी क्लारीन की मात्रा
जलकल, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अलग-अलग घरों से पानी का ओटी टेस्ट किया। ओटी टेस्ट से पानी में क्लोरीन की मात्रा मापी जाती है। करीब 50 पानी सैम्पल का ओटी टेस्ट किया गया। सभी नमूने जांच में ठीक पाए गए हैं। बाकी सात सैम्पल राज्य स्वास्थ्य संस्थान जांच के लिए भेजे गए हैं।
अबतक 50 से ज्यादा मरीज डायरिया के चपेट में
जानकीपुरम सेक्टर-7 में डायरिया व बुखार का 20 अगस्त को प्रकोप बढ़ा था। 50 से अधिक लोग बीमारी की चपेट में आ गए थे। इसके बाद दो मरीजों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी। अधिकारियों का दावा है कि इलाके में पानी साफ आ रहा है। साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त है। मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। इसके बावजूद बीमारी क्यों नहीं थम रही है? इस पर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
दवा के नाम पर दे देते हैं गोलियां
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग दवा के नाम पर कुछ लाल पीली गोलियां थमा रहा है। जो असर नहीं कर रही हैं। यही वजह है कि लगातार मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। शासन प्रशासन में किरकिरी कराने के बाद ट्रॉमा सेंटर में बाल रोग विशेषज्ञ व फीजिशियन की तैनाती की गई। लेकिन बीमारी के कारणों का पता लगाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।


