Lucknow News: LDA का आदेश नहीं मान रहे लखनऊवासी! सख्ती के बाद भी बालकनी से लटक रहे गमले, बड़े हादसे का हो रहा इंतजार

Lucknow News: इन मल्टीस्टोरी इमारतों की तस्वीर देखिए और अंदाजा लगाइए कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के आदेशों की किस प्रकार धज्जियां उड़ाई जा रही है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 29 May 2025 2:15 PM IST (Updated on: 29 May 2025 4:40 PM IST)
Lucknow News: LDA का आदेश नहीं मान रहे लखनऊवासी! सख्ती के बाद भी बालकनी से लटक रहे गमले, बड़े हादसे का हो रहा इंतजार
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Lucknow News: लखनऊ इन मल्टीस्टोरी इमारतों की तस्वीर देखिए और अंदाजा लगाइए कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के आदेशों की किस प्रकार धज्जियां उड़ाई जा रही है। विगत 19 मार्च को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया था कि अगर आप अपनी बालकनी में गमले लगाते हैं तो आपपर सख्त कार्यवाही हो सकती है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अपने आदेश में साफ़ कहा था कि बालकनी की रेलिंग या पैरापेट वॉल पर गमले रखने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि अगर गमला गिरता है तो नीचे चल रहे किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लग सकती है या जान का खतरा भी हो सकता है। लेकिन जब न्यूजट्रैक ने एलडीए के इस आदेश का रियेल्टी चेक किया तो पाया कि ज़्यादातर इमारतों ने इन आदेशों का पालन नहीं किया है और मल्टीस्टोरी इमारतों में गमले पहले की तरह ही लटक रहे हैं। जिससे वहाँ रहने वाले लोगों के ऊपर अनहोनी का ख़तरा बना हुआ है।

न्यू हैदराबाद की कई इमारतों की बालकनी पर गमले

न्यूज़ट्रैक की टीम जब इस तरह की मल्टीस्टोरी इमारतों का रियेल्टी चेक करते लखनऊ के न्यू हैदराबाद इलाके में पहुंची तो पाया कि सबसे ज़्यादा इसी इलाके में ऐसी इमारतें पायी गई जहाँ बालकनी में गमले लटक रहे थे। इसको लेकर जब बिल्डिंग की अथॉरिटी से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो तो पहले तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया लेकिन बाद में उन्होंने लगा कि हमने एलडीए का नोटिस चिपका दिया है, और सभी निवासियों को इनको लेकर जागरूक भी कर दिया है। अगर इसके बाद भी कोई मानता है तो इसमें हम क्या ही कर सकते हैं।

इस घटना के बाद एलडीए ने दिया था आदेश

आपको बता दें पुणे में एक दर्दनाक हादसे में बालकनी से गमला गिरने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई थी, इस घटना के तुरंत बाद ही लखनऊ विकास प्राधिकरण ने यह आदेश जारी किए थे और साथ ही यह सख्त निर्देश दिए थे कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इस आदेश में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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