Lucknow News: सेना से रिटायर्ड जवान से 25 लाख की ज़मीन ठगी! HK Infravision कम्पनी के दो निदेशकों पर FIR, पूर्व में भी दर्ज हैं धोखाधड़ी के केस

Lucknow News: पुलिस ने इस मामले में कंपनी के निदेशक प्रमोद कुमार उपाध्याय और विनोद कुमार उपाध्याय के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Hemendra Tripathi
Published on: 24 July 2025 4:25 PM IST
Lucknow News: सेना से रिटायर्ड जवान से 25 लाख की ज़मीन ठगी! HK Infravision कम्पनी के दो निदेशकों पर FIR, पूर्व में भी दर्ज हैं धोखाधड़ी के केस
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सेना से रिटायर्ड जवान से 25 लाख की ज़मीन ठगी  (photo: social media )

Lucknow News: लखनऊ में एक सेवानिवृत्त सैनिक के साथ ज़मीन के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बिहार के रहने वाले रिटायर्ड जवान ने 30 वर्षों की सेवा के बाद जीवनभर की पूंजी लगाकर लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में HK Infravision प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी से प्लॉट खरीदा था। लेकिन बाउंड्री बनवाने के बाद जब वह अपनी ज़मीन देखने पहुंचे तो वहां किसी और का कब्जा मिला। जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि जिस ज़मीन को उन्होंने खरीदा है, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को रजिस्ट्री की जा चुकी है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के निदेशक प्रमोद कुमार उपाध्याय और विनोद कुमार उपाध्याय के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सेवानिवृत्त सैनिक से ज़मीन के नाम पर ठगी

बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले राजकुमार ने बताया कि उन्होंने 30 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दी। साल 2021 में रिटायरमेंट के बाद लखनऊ में प्लॉट खरीदने की योजना बनाई। इसी बीच उन्होंने HK Infravision प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कार्यालय से संपर्क किया, जहां कंपनी के निदेशकों प्रमोद और विनोद उपाध्याय ने उन्हें मोहनलालगंज स्थित ‘कान्हा उपवन’ साइट दिखाई। दिखाए गए नक्शे और साइट प्लान पर भरोसा करते हुए उन्होंने प्लॉट नंबर R-11 और R-12 (कुल 2000 वर्गफीट) के लिए 25 लाख रुपये का भुगतान किया।

धोखे से पहले से रजिस्टर्ड ज़मीन बेची गई

पीड़ित ने बताया कि साल 2021 में 13 अक्टूबर को ज़मीन की रजिस्ट्री करवाई थी, जिसके बाद उन्होंने साइट पर बाउंड्री भी तैयार करवा दी। लेकिन जब 1 जून 2025 को वह ज़मीन देखने पहुंचे तो देखा कि उनकी बनाई गई बाउंड्री तोड़ दी गई है और वहां किसी A.K. Jaggi नाम के व्यक्ति का बोर्ड लगा है। पूछताछ में पता चला कि उसी गाटा संख्या की ज़मीन प्रमोद उपाध्याय पहले ही वर्ष 2020 में A.K. Jaggi को बेच चुके थे। यानी एक ही ज़मीन को दो बार बेचा गया था।

कंपनी के नाम पर बना रखा है ठगी का नेटवर्क

पीड़ित के अनुसार, प्रमोद उपाध्याय सेना से रिटायरमेंट के बाद अपने भाई विनोद उपाध्याय और पिता हरिद्वार उपाध्याय के नाम पर HK Infravision Pvt. Ltd. नाम की कंपनी चला रहे हैं। यह लोग फर्जी लेआउट और ब्रोशर बनाकर जमीन बेचते हैं और विशेष तौर से रिटायर्ड सैनिकों व आम नागरिकों को टारगेट करते हैं। आरोप है कि यह लोग पहले से रजिस्टर्ड प्लॉट को दोबारा बेचते हैं और फिर पैसा लेकर फरार हो जाते हैं।

पुलिस ने गंभीर धाराओं में दर्ज की FIR

पीड़ित की शिकायत पर थाना मोहनलालगंज में धारा 111(2)(b), 316(5), और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध का है, जिसमें जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। कंपनी और आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी के मामलों की जानकारी सामने आई है, जिनकी पड़ताल की जा रही है।

संपत्ति वापस दिलाने की मांग, पुलिस जांच में जुटी

पीड़ित राजकुमार ने पुलिस से मांग की है कि उन्हें उनकी खरीदी गई संपत्ति वापस दिलाई जाए या फिर आरोपियों से वसूली कर उन्हें मुआवजा दिलाया जाए। फिलहाल पुलिस आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है और कंपनी की अन्य डीलिंग्स की भी जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि इसी तरीके से और कितने लोगों को ठगा गया है।

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Hemendra Tripathi is a former Reporter at Newstrack.com.

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