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Lucknow News: क्या हमारा परिवार नहीं? प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कर रहा शोषण
Lucknow News: राजधानी में पिछले करीब एक वर्ष से समय से वेतन न मिलने व भत्ते का बकाया होने समेत अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को आशा कार्यकत्री ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
Aasha workers Give Their Demand Letter To Deputy CMO
Lucknow News: राजधानी में पिछले करीब एक वर्ष से समय से वेतन न मिलने व भत्ते का बकाया होने समेत अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को आशा कार्यकत्री ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। वहीं, इसके साथ ही उन्होंने सीएमओ कार्यालय का भी घेराव किया और उनकी मांगों पर किसी प्रकार का निर्णय न लेने का विरोध जताया। कार्यकत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपना मांग पत्र सौंपा इसके साथ चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आशा कार्यकत्री कामकाज ठप करेंगी और प्रदर्शन करेंगी।
वर्कर्स युनियन ने अपनी सात सूत्री मांग को लेकर किया प्रदर्शन
उप्र. आशा वर्कर्स यूनियन लखनऊ शाखा की पदाधिकारियों और आशा कार्यकत्री ने सात सूत्री मांग पत्र डीएम कार्यालय पर सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञान गुप्ता को सौंपा। इसके बाद आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के न मौजूद होने पर एसीएमओ डॉ. गोपीलाल और जिला अकाउंट मैनेजर (डैम) एपी सिंह से मुलाकात की। उन्हें भी अपना मांग पत्र सौंपा। आशाओं ने बताया कि उन्हें पांच माह का मानदेय नहीं मिला है। साथ ही करीब एक साल से सी बैग फार्म और दूसरे भत्ते नहीं मिले हैं।
हमारा भी होता है त्यौहार
कार्यकत्री का कहना था कि प्रशासन को उनके मांगों और भत्ता न मिलने पर किसी प्रकार ध्यान नहीं दे रहा है। उन्हें नहीं समझ आता है कि हमारे लिए भी होली, दिपावली, रक्षाबंधन के त्योहार होते हैं। भत्ता न मिलने से हमारे सारे त्योहार फीके पड़ जाते हैं। हमें काम करने तक के लिए लोगों से उधार लेना पड़ता है। जिसको हम समय से लौटा नहीं पाते हैं। आज तक खातों में रुपया नहीं आया है। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन के अफसर काम लेने के बाद वेतन नहीं दे रहे हैं। आशा कार्यकत्री ने राज्य कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 18 से 20 हजार रुपए वेतन देने की भी मांग की है।
शोषण हो रहा है हमारा
आशा कार्यकत्री ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हमारा शोषण कर रहा है। यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक सप्ताह में अगर विभाग और प्रशासन ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो कामकाज ठप कर देंगे। पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा। इस बार आश्वासन से काम नहीं चलेगा। मामले पर जब एसीएमओ डॉ. गोपीलाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आशा कार्यकत्री ने मुलाकात की थी। हमारी ओर से दो से तीन बार एडवाइस बनवाकर भेजा जा चुका है। अब आगे दूसरे अफसरों को कार्रवाई करनी है।


