Mainpuri News: बरसात में झोपड़ी में रह रहा एक परिवार, सरकारी मदद से वंचित

Mainpuri News: ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद के मजरा नगला ढाकरे में एक निर्धन परिवार बरसात के मौसम में जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। परिवार के मुखिया उमेश ने बताया कि उनके पिता के समय एक कच्चा मकान था, लेकिन उनके निधन के बाद वह भी बारिश के कारण ढह गया।

Praveen Pandey
Published on: 20 July 2025 1:26 PM IST
Mainpuri News: बरसात में झोपड़ी में रह रहा एक परिवार, सरकारी मदद से वंचित
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Mainpuri News: मैनपुरी जिले के किशनी विकासखंड के ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद के मजरा नगला ढाकरे में एक निर्धन परिवार बरसात के मौसम में जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। परिवार के मुखिया उमेश ने बताया कि उनके पिता के समय एक कच्चा मकान था, लेकिन उनके निधन के बाद वह भी बारिश के कारण ढह गया। तब से पूरा परिवार एक अस्थायी झोपड़ी बनाकर उसी में जीवन बिता रहा है।

झोपड़ी की हालत बेहद खराब, खतरे में है परिवार की जान

परिवार की झोपड़ी इतनी जर्जर हो चुकी है कि बरसात के मौसम में उसमें रहना खतरे से खाली नहीं है। छत से पानी टपकता है, जिससे बचने के लिए परिवार टीन की चादरों और प्लास्टिक की शीट्स का सहारा लेता है। बारिश की रातों में परिवार के सदस्य पूरी रात जागकर अपनी सुरक्षा करते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं झोपड़ी गिर न जाए।

सरकारी योजनाओं से वंचित है परिवार

परिवार के पास न तो राशन कार्ड है, न ही उन्हें किसी ठोस सरकारी योजना का लाभ मिल पाया है। केवल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक गैस कनेक्शन मिला है, लेकिन गैस सिलेंडर की कीमत अधिक होने के कारण उसे भरवाना संभव नहीं हो पाता। पीने के पानी और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परिवार को संघर्ष करना पड़ रहा है।

शिकायतों के बावजूद नहीं मिली कोई मदद

परिवार ने कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से अपनी समस्या की शिकायत की है। हर बार अधिकारी केवल फोटो खींचते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिली। बरसात के दौरान झोपड़ी की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे परिवार को खुले आसमान के नीचे रातें गुजारनी पड़ती हैं।

प्रशासन की योजनाओं की असलियत उजागर

यह मामला शासन और प्रशासन की उन योजनाओं की असल स्थिति को उजागर करता है, जो कागज़ों पर तो सक्रिय हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस परिवार की सुध लेता है या नहीं।

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