Mathura News: बाँकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, ब्रजवासियों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की

Mathura News: डॉ. सिंह ने Essential Religious Practices Doctrine का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई परंपरा किसी धर्म की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा है, तो उसे छेड़ना संविधान विरोधी गंभीर कृत्य माना जाएगा।

Amit Sharma
Published on: 21 July 2025 7:12 PM IST
Mathura News: बाँकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, ब्रजवासियों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की
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बाँकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, ब्रजवासियों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की  (photo: social media )

Mathura News: वृंदावन स्थित श्री बाँकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के विरोध में 100 से अधिक ब्रजवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। यह याचिका सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए निर्णय के खिलाफ है, जिसमें कॉरिडोर के पुनर्निर्माण की अनुमति दी गई थी। ब्रजवासियों का प्रतिनिधित्व जाने-माने वरिष्ठ वकील डॉ. ए.पी. सिंह कर रहे हैं, जो पूर्व में भी कई संवेदनशील और जनहित के मामलों में देश की आवाज़ बन चुके हैं।

राधाकृष्ण भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. ए.पी. सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में जो कार्रवाई की जा रही है, उससे वृंदावन की प्राचीन कुंज गलियों को ध्वस्त किया जा रहा है और वहाँ पीढ़ियों से रह रहे ब्रजवासियों को जबरन बेघर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्माण कार्य के क्रियान्वयन में संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत नागरिकों को प्राप्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार और धार्मिक संस्थाओं के स्वशासन के अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

डॉ. सिंह ने Essential Religious Practices Doctrine का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई परंपरा किसी धर्म की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा है, तो उसे छेड़ना संविधान विरोधी गंभीर कृत्य माना जाएगा। याचिकाकर्ताओं में पंडित सोहन लाल मिश्र, मनमोहन गोस्वामी, आचार्य रामानुज, मनीष भारद्वाज, रुक्मणी रमन गोस्वामी, राकेश कुमार अग्रवाल आदि शामिल हैं।

कुंज गलियां भगवान कृष्ण की कई लीलाओं की साक्षी

उन्होंने अपने संयुक्त संबोधन में कहा कि श्रीधाम वृंदावन की ये गलियाँ केवल ईंट-पत्थर की नहीं हैं, बल्कि ये ब्रजधाम की आध्यात्मिक आत्मा हैं। इन गलियों में पीढ़ियों से ब्रजवासी निस्वार्थ भाव से श्री बाँकेबिहारी जी की सेवा करते आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये कुंज गलियां भगवान कृष्ण की कई लीलाओं की साक्षी रही हैं और मुग़ल काल में भी ये गलियां अक्षुण्ण रही हैं। ब्रजवासियों ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी इस मामले में चेताया है, और इस याचिका के बाद अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं।

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