Mathura News: ₹100 करोड़ का घोटाला: गिरफ्तारी से बचने के लिए नौवीं मंजिल पर लटका बैंक क्लर्क

Mathura News: दरवाज़ा खटखटाया गया, आरोपी अमित पीरदा नौवीं मंजिल की खिड़की पर लटक गया और चिल्लाया—अगर पास आए तो कूद जाऊंगा!"तीन घंटे की हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद उसे पकड़ा गया।

Amit Sharma
Published on: 30 July 2025 6:44 PM IST
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Mathura News: मथुरा नामचीन हस्तियों की कालोनी में छिपा था घोटाले का मास्टरमाइंड, फर्जीवाड़े के बाद मथुरा में किराए पर लिया फ्लैट, पकड़े जाने पर दी आत्महत्या की धमकीबैंक खातों में हेराफेरी कर ₹100 करोड़ की ठगी करने वाला शातिर क्लर्क पंजाब से फरार होकर मथुरा की सबसे सुरक्षित और संभ्रांत कॉलोनी में छिप गया राधावैली कॉलोनी, जहां नामचीन राजनेता, अधिकारी और पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जैसे वीआईपी रहते हैं। पर पंजाब पुलिस की पकड़ तेज़ थी। जैसे ही दरवाज़ा खटखटाया गया, आरोपी अमित पीरदा नौवीं मंजिल की खिड़की पर लटक गया और चिल्लाया—अगर पास आए तो कूद जाऊंगा!"तीन घंटे की हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद उसे पकड़ा गया।

ठगी की शुरुआत: फरीदकोट से खुला राज़

21 जुलाई 2025, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सादिक शाखा के उप प्रबंधक शेखर अरंगा ने थाने में दर्ज कराया कि कई ग्राहकों के एफडी और कृषि खातों में गड़बड़ी मिली है।

धोखाधड़ी के कुछ प्रमुख मामले:

बूटा सिंह के खाते से ₹4.70 लाख

अमरीक सिंह के खाते से ₹4.85 लाख

अन्य तीन खातों में भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन

सबके पीछे एक ही नाम—अमित पीरदा, क्लर्क, निवासी गली नंबर 1, तारा पैलेस, न्यू फरीदकोट।

धाराएं: 318(4), 316(2), 344 बीएनएस के तहत केस दर्ज।

वारंट जारी: क्रमांक 28, दिनांक 21 जुलाई 2025

राधावैली में वीआईपी के बीच किराए का ठिकाना

22 जुलाई को आरोपी ने एक स्थानीय दलाल के ज़रिए मथुरा के हाईवे स्थित राधावैली कॉलोनी में फ्लैट किराए पर लिया।यह कॉलोनी मथुरा की हाई-सेक्योरिटी, पॉश सोसाइटी मानी जाती है—जहां विधायक, रिटायर्ड अधिकारी और बड़े कारोबारी रहते हैं।इसने पुलिस को चौंका दिया कि आरोपी ऐसी कॉलोनी में आकर छिपा, जहां आम तौर पर चिड़िया भी पर नहीं मारती।

नौवीं मंजिल की खिड़की और मौत की धमकी

पंजाब पुलिस जब मथुरा पहुंची, तो आरोपी फ्लैट के अंदर बंद मिला।दरवाज़ा तोड़ने की तैयारी हुई तो वो खिड़की की रेलिंग पर चढ़ गया।नीचे भीड़ जमा हो गई। अग्निशमन विभाग को बुलाया गया।जाल बिछाया गया।

तीन घंटे तक वह मौत और गिरफ्तारी के बीच लटका रहा। अंततः पुलिस और दमकल टीम ने सूझबूझ से उसे सुरक्षित पकड़ा। अब आगे क्या?

आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाया गया।उसकी संपत्ति और डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है।दलालों से पूछताछ जारी है—किराए का सौदा कैसे हुआ, किसने सिफारिश की?बैंकिंग सिस्टम में और कौन शामिल है, यह जांच का विषय।

ऐसा अपराधी किसी कमजोर इलाके में नहीं, सबसे सुरक्षित जगह में छिपा—इससे साफ है कि वह सिर्फ चतुर नहीं, एक रणनीतिक प्लानर भी था।"

यह हकीकत है—न कोई फिल्म, न स्क्रिप्ट। ₹100 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड वीआईपी कॉलोनी से पंजाब पुलिस में ढूंढ निकला। और अपने साथ ले गई इसीलिए कहते हैं कानून के हाथ बहुत लंबे होते है ।

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