Meerut News: नए कानून पर मेरठ रेंज की पुलिस का ‘एक्शन मोड’- अदालतों से दिलाई 14 मामलों में सजा, अपराधियों को नहीं मिली राहत

Meerut News: डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुद इसकी पुष्टि की और बताया कि ये सभी मामले 1 जुलाई 2024 के बाद दर्ज किए गए थे, जब देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू हुए थे।

Sushil Kumar
Published on: 19 May 2025 7:41 PM IST
Meerut Range Police Punish Offenders in 14 Cases by Courts
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मेरठ रेंज की पुलिस ने अदालतों से दिलाई 14 मामलों में अपराधियों को सजा (Photo- Social Media)

Meerut News: नया कानून आया, और पुलिस ने दिखा दिया कि इस बार न सिर्फ नियम बदले हैं, बल्कि रफ्तार और रवैया भी। मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के तहत सिर्फ केस दर्ज करने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि साक्ष्य जुटाए, मुकदमों की मजबूत विवेचना की और अदालत में ऐसी पैरवी पेश की कि 14 मामलों में आरोपियों को सजा सुनाई गई।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुद इसकी पुष्टि की और बताया कि ये सभी मामले 1 जुलाई 2024 के बाद दर्ज किए गए थे, जब देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू हुए थे।

मेरठ में चोरों की नहीं चली चाल

मेरठ जिले में चोरी के 8 मामलों में आरोपियों को अदालत ने कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। इनमें से थाना मवाना के दो, और नौचंदी, परतापुर, पल्लवपुरम, गंगानगर, सदर बाजार व इंचौली थानों में दर्ज एक-एक केस शामिल हैं। पुलिस की सख्ती का असर ये रहा कि कई मामलों में आरोपी अब बेल की बजाय जेल की हवा खा रहे हैं।

हापुड़ में अश्लीलता और धार्मिक असम्मान पर भी गिरी गाज

हापुड़ जिले में भी पुलिस ने कोई ढिलाई नहीं बरती। महिला थाना में सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतों से जुड़े 3 मामलों में अदालत ने दोषियों को जेल भेज दिया। थाना बाबूगढ़ में विस्फोटक पदार्थों की लापरवाही से हैंडलिंग का मामला हो या सिम्भावली और अन्य थानों में धार्मिक स्थल का अपमान करने वाले मामले, हर केस में पुलिस की पैरवी इतनी मजबूत रही कि कोर्ट ने एक के बाद एक सजा सुनाई।

डीआईजी का बड़ा संदेश – कानून में ताकत तभी जब क्रियान्वयन हो दमदार

डीआईजी नैथानी ने अपने मातहतों को साफ निर्देश दिए हैं – “नए कानूनों को कागज पर नहीं, जमीन पर उतारिए। हर केस में ऐसी विवेचना हो कि आरोपी को सजा से बचने का मौका ही न मिले।” उन्होंने यह भी कहा कि इससे न सिर्फ पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा, बल्कि समाज में नए कानूनों के प्रति भरोसा और अपराधियों में डर पैदा होगा। साफ है — अब सिर्फ कानून बदलने से नहीं, उसे लागू करने के तेवर भी बदल चुके हैं। और मेरठ रेंज की पुलिस इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आई है।

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