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Meerut News: मोदीपुरम में RLD का किसानों का महाशक्ति प्रदर्शन: जयंत सिंह की हुंकार पर मेरठ से उठेगा जनसैलाब
Meerut News: डॉ. सांगवान ने बताया कि कार्यक्रम में चौधरी जयंत सिंह के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री और कौशल विकास मंत्री भी शिरकत करेंगे।
मोदीपुरम में RLD का किसानों का महाशक्ति प्रदर्शन: जयंत सिंह की हुंकार पर मेरठ से उठेगा जनसैलाब (Photo- Newstrack)
Meerut News: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने आगामी 8 जुलाई को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मोदीपुरम में होने वाले ऐतिहासिक किसान सम्मेलन को लेकर तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। मेरठ जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए हजारों किसानों को मोदीपुरम पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।
बैठक के मुख्य अतिथि, बागपत से सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ की अध्यक्षता और प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनील रोहटा के संचालन में यह बैठक उत्साहपूर्ण रही।
डॉ. सांगवान ने बताया कि कार्यक्रम में चौधरी जयंत सिंह के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री और कौशल विकास मंत्री भी शिरकत करेंगे। IIT रोपड़ और कृषि विश्वविद्यालय के बीच एग्रीटेक समझौता किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्य बातें:
• मेरठ से हजारों किसानों की भव्य रैली निकलेगी।
• IIT रोपड़ और कृषि विश्वविद्यालय में होगा स्मार्ट एग्रीकल्चर पर ऐतिहासिक समझौता।
• AI आधारित कृषि तकनीक से जुड़ेंगे पश्चिमी यूपी के किसान।
• सभी ब्लॉकों से किसानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने कहा कि उनकी विधानसभा से भारी संख्या में किसान इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। सामाजिक न्याय मंच की प्रदेश अध्यक्ष संगीता दोहरे ने इसे “स्मार्ट खेती की क्रांति” बताया।
जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ ने इसे “किसान जागरण का महाअभियान” करार दिया और कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रवक्ता सुनील रोहटा ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय से कृषि विश्वविद्यालय को दो बड़ी सौगातें मिलेंगी।
इस बैठक में कर्नल ब्रह्मपाल तोमर, नरेन्द्र खजूरी, रणबीर दहिया, अजित प्रताप, विनय मल्लापुर, संजय पनवाड़ी, गौरव जिटोली, सुभाष जाटव, अभिमन्यु ललसाना, रतन सिंह, धीरज चौधरी, सीपी सिंह, जयराज एडवोकेट सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम न केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन होगा, बल्कि भारत में आधुनिक कृषि क्रांति का शंखनाद भी बनेगा।


