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Moradabad News: जाको राखे साईंया मार सके न कोय: बैग में पैक मिला नवजात शिशु, चल रही थी सांसें, रेल प्रशासन अलर्ट, हालत नाजुक
Moradabad News: रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को पटना से चंडीगढ़ जा रही ट्रेन की एसी बोगी में नवजात को देख हांथ पांव फूल गए। आनन फानन में चेकिंग कर रही RPF की टीम ने अपने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
Moradabad News: उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के रेलवे स्टेशन पर शनिवार की मध्य रात्रि में चंडीगढ़ जाने वाली ट्रेन में एक नवजात शिशु एक बैग में पैक मिला। रेलवे प्रोटेक्शन पुलिस को चेकिंग के दौरान मिले लावारिस बैग में शिशु की सांसे चल रही थीं।
मुरादाबाद की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को पटना से चंडीगढ़ जा रही ट्रेन की एसी बोगी में नवजात को देख हांथ पांव फूल गए। आनन फानन में चेकिंग कर रही RPF की टीम ने अपने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
ये है पूरा मामला
बता दें कि पटना से चंडीगढ़ जा रही सुपर स्पेशल ट्रेन के सेकेंड AC कोच में एक कुंडे में टंगा बैग बराबर हिल रहा था। बैग के हिलने से यात्रियों को शक हुआ तो उन्होंने बैग खोलकर अंदर देखा तो नवजात शिशु था जिसे देखकर सब हैरान हो गए। बैग में नवजात शिशु होने की सूचना सर्वप्रथम चेकिंग कर रही टीम को दी गई। उसके बाद टीम ने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने नवजात शिशु को तुरंत मुरादाबाद के जिला महिला अस्पताल परिसर में बने 'न्यू बेबी बोर्न केयर सेंटर' में भर्ती काराय गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल नवजात शिशु को ऑक्सीजन दिया जा रहा है।
डॉक्टर निर्मला पाठक ने बताया
इस मामले में महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर निर्मला पाठक ने न्यूजट्रैक की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि "बच्चे को जब लाया गया था तब बच्चे की हालत बहुत बुरी थी और लग रहा था कि बच्चा दो या तीन घंटे पहले ही जन्म लिया है।
उन्होंने बताया कि बच्चे की स्थिति ऐसी थी कि बच्चा जब अस्पताल आया तब बच्चे की नाल तक नहीं कटी हुई थी। जिसने भी बच्चे को थैले में टांगा था उसने उसे सिर्फ मारने के लिए ही छोड़ा था। परन्तु ये ईश्वर का चमत्कार है कि बैग में बंद शिशु की सांसे चलती रही थी।
जाको राखे साईंया मार सके न कोय
इस घटना को देखने से यह कहावत बिलकुल सही चरितार्थ होती है कि "जाको राखे साईयां मार सके न कोए।" डॉक्टर निर्मला पाठक के अनुसार बेबी केयर यूनिट में तीन डॉक्टर रहते हैं जो बच्चे की देख भाल कर रहे हैं। आज बच्चा तीन दिन का हुआ है और हमारे डॉक्टरों का पैनल इलाज कर रहा है। जल्द ही ठीक हो जाएगा।

