Raebareli News: एम्स रायबरेली के डॉक्टरों ने 9 वर्षीय बच्चे को दुर्लभ जन्मजात बीमारी से मुक्ति दिलाई

Raebareli News: बच्चा लगातार पेशाब करता रहता था, जिससे उसके कपड़े हमेशा गीले रहते थे। इस स्थिति के कारण वह कभी स्कूल नहीं जा पाया और सामाजिक जीवन से पूरी तरह कट गया था।

Narendra Singh
Published on: 7 July 2025 8:21 PM IST
Doctors at AIIMS Rae Bareli treat 9-year-old with birth defect
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एम्स रायबरेली के डॉक्टरों ने 9 वर्षीय बच्चे का जन्मजात बीमारी का किया इलाज (Photo- Newstrack)

Raebareli News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली के डॉक्टरों ने एक 9 वर्षीय बच्चे की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की, जो इन्कॉन्टिनेंट एपिस्पेडियस नामक दुर्लभ जन्मजात बीमारी से पीड़ित था। इस बीमारी में बच्चे का लिंग सामान्य रूप से विकसित नहीं होता और जन्म से ही मूत्र पर कोई नियंत्रण नहीं रहता।

बच्चे की स्थिति

बच्चा लगातार पेशाब करता रहता था, जिससे उसके कपड़े हमेशा गीले रहते थे। इस स्थिति के कारण वह कभी स्कूल नहीं जा पाया और सामाजिक जीवन से पूरी तरह कट गया था। माता-पिता ने एम्स रायबरेली के बाल शल्य चिकित्सा विभाग में परामर्श लिया।

सर्जरी की सफलता

डॉक्टरों की टीम ने पद्मश्री प्रो. शिव नारायण कुरील के मार्गदर्शन में 10 घंटे तक चले ऑपरेशन को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। सर्जरी के बाद बच्चे को 20 दिनों तक अस्पताल में विशेष देखभाल में रखा गया और उसके 9वें जन्मदिन पर उसे स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दी गई।

अब बच्चे की स्थिति

सर्जरी के बाद बच्चे का लिंग पूरी तरह सामान्य आकार में विकसित हो गया है और उसे मूत्र पर पूरा नियंत्रण है। अब वह मूत्र का संवेग महसूस करता है और शौचालय में जाकर सामान्य रूप से मूत्र त्याग कर रहा है। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और एक सामान्य बालक की तरह जीवन जी रहा है।

एम्स रायबरेली की उपलब्धि

एम्स रायबरेली के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता के विशेष सहयोग और प्रोत्साहन से इस तरह के कठिन इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो पाई। एम्स रायबरेली में यह इस तरह की पहली सर्जरी है। कार्यकारी निदेशक महोदया ने संस्थान के डॉक्टरों का उत्साहवर्धन करते हुए बच्चे के सुखद भविष्य की कामना की है।

बाल शल्य चिकित्सा विभाग

एम्स रायबरेली में प्रत्येक कार्यदिवस पर बाल शल्य चिकित्सा की ओपीडी उपलब्ध है, जहां बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों की दुर्लभ एवं जटिल बीमारियों के लिए परामर्श एवं इलाज का लाभ ले सकते हैं।

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